क्या दूध और पनीर नॉनवेज हैं? भारतीय डॉक्टर के दावे के बाद सोशल मीडिया पर मचा बवाल

तस्वीर पोस्ट करने वाली डॉक्टर सुनीता सयाम्मागारू ने कैप्शन दिया, “पति की डिनर प्लेट। शाकाहारी भोजन। इसमें प्रोटीन, गुड फैट और फाइबर है।" उन्होंने 4 फरवरी को X पर फोटो पोस्ट की और अब तक इसे 12 लाख से ज्यादा बार देखा जा चुका है। पोस्ट के जवाब में, इंडियन जर्नल ऑफ मेडिकल एथिक्स की एग्जिक्यूटिव एडिटर डॉ. सिल्विया करपागम ने कहा कि पनीर और दूध शाकाहारी भोजन नहीं हैं

अपडेटेड Feb 07, 2025 पर 9:14 PM
Story continues below Advertisement
क्या दूध और पनीर नॉनवेज हैं? भारतीय डॉक्टर के दावे के बाद सोशल मीडिया पर मचा बवाल

एक भारतीय डॉक्टर ने हाल ही में पनीर और दूध को नॉन-वेज खाना घोषित कर दिया, जिसके बाद सोशल मीडिया पर काफी हलचल मच गई। डॉ सिल्विया करपागम का दावा है कि दूध और पनीर शाकाहारी खाना नहीं हैं, क्योंकि वे जानवरों के अंदर से आते हैं, जिससे सोशल मीडिया पर सैकड़ों वेजीटेरियन नाराज भी हो गए। एक और डॉक्टर ने X पर एक वेज-थाली की तस्वीर पोस्ट की थी, जिसके बाद डॉ. सिल्विया करपागम ने ऐसा दावा किया।

इस थाली में दिखाए गए खाने में "प्रोटीन, गुड फैट और फाइबर" होने का दावा किया गया था। इस थाली में बिना चीनी वाली खीर, पनीर, मूंग दाल का एक कटोरा और गाजर, ककड़ी, प्याज, कच्चे नारियल और अखरोट से युक्त सलाद शामिल था।


तस्वीर पोस्ट करने वाली डॉक्टर सुनीता सयाम्मागारू ने कैप्शन दिया, “पति की डिनर प्लेट। शाकाहारी भोजन। इसमें प्रोटीन, गुड फैट और फाइबर है।" उन्होंने 4 फरवरी को X पर फोटो पोस्ट की और अब तक इसे 12 लाख से ज्यादा बार देखा जा चुका है।

पोस्ट के जवाब में, इंडियन जर्नल ऑफ मेडिकल एथिक्स की एग्जिक्यूटिव एडिटर डॉ. सिल्विया करपागम ने कहा कि पनीर और दूध शाकाहारी भोजन नहीं हैं।

उन्होंने 6 फरवरी को कॉमेंट किया, “इसके अलावा पनीर और दूध भी शाकाहारी नहीं हैं। वे एनिमल सोर्स फूड हैं...बिल्कुल चिकन, मछली, बीफ की ही तरह।" अब तक, उनकी पोस्ट को 95,000 से ज्यादा बार देखा जा चुका है।

सोशल मीडिया पर भड़के लोग

X पर कई लोगों ने डॉ. सिल्विया करपागम के इस पोस्ट का कई लोगों ने विरोध किया, तो कुछ न समर्थन भी किया, जिससे उनकी पोस्ट काफी विवाद भी खड़ा हो गया।

इस बीच, कई सोशल मीडिया यूजर ने दावा किया कि क्योंकि पनीर, दूध या दूसरे मिल्क प्रोडक्ट के लिए किसी भी जानवर को नहीं मारा जाता है, इसलिए वे शाकाहारी हैं। एक यूजर ने कहा, "पनीर या दूध खाने के लिए...किसी को नहीं मारा जाता।"

एक और यूजर ने लिखा, "मिल्क प्रोडक्ट एनिमल प्रोडक्ट हैं, जिनके लिए किसी भी जानवर को नहीं मारना पड़ता है और इसलिए यह असल में शाकाहारी है और वीगन भी नहीं है।"

हालांकि, डॉ. सिल्विया करपागम ने इस तर्क पर सवाल उठाते हुए पूछा, ऐसे तो अंडा देते वक्त भी कोई मुर्गी नहीं मारी जाती है, तो अंडे को 'नॉनवेज' क्यों माना जाता है?

बहुत से लोगों ने उनके इस दावे पर नेगेटिव रिस्पांस दिया कि दूध शाकाहारी नहीं है। जबकि कुछ ने झूठी सूचना फैलान के लिए उन्हें सजा देने की बात कही।

एक यूजर ने X पर लिखा, "आप शाकाहार को बदनाम करने के लिए 'वीगन' की परिभाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं। दूध और मांस एक जैसे नहीं हैं... यह सामान्य ज्ञान है। आपकी ये चालाकी आपको और ज्यादा एक्सपोज करेंगी।"

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।