चक्रवात मोचा 13 मई को ही बंगाल की खाड़ी से टकरा चुका है। डाउन टू अर्थ वेबसाइट की एक रिपोर्ट के मुताबिक यह साल 1982 के बाद मई के महीने में बंगाल की खाड़ी से टकराने वाला सबसे तेज गति का चक्रवात है। साल 1997 में बंगाल की खाड़ी से एक चक्रवात 212 किलोमीटर की रफ्तार से टकराया था। वहीं साल 2020 में अम्फान चक्रवात 265 किलोमीटर की रफ्तार से बंगाल की खाड़ी से टकराया था। वहीं एक और चक्रवात 231 किलोमीटर की रफ्तार से बंगाल की खाड़ी से टकराया था।
सुपर साइक्लोन की कटोगरी में आ सकता है मोचा चक्रवात
13 मई को मोचा चक्रवात अत्यधिक गंभीर चक्रवाती तूफान की कटेगरी में शामिल किया गया। बंगाल की खाड़ी से टकराने से पहले यह चक्रवात सुपर साइक्लोन की कटेगरी में आ सकता है। यूनाइटेड स्टेट्स डिपार्टमेंट ऑफ डिफेंस एजेंसी जॉइंट टायफून वार्निंग सेंटर के अनुसार मोचा की हवा की गति 250 किलोमीटर प्रति घंटा है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मौसम पूर्वानुमान विभाग के प्रमुख अनुपम कश्यपी ने कहा कि यह उम्मीद नहीं थी यह चक्रवात अत्यधिक गंभीर चक्रवात की कटेगरी में पहुंच जाएगा। लेकिन अब यह तीव्र चक्रवाती तूफान की कटेगरी में पहुंच सकता है। वहीं स्काईमेट के मुताबिक मोचा चक्रवात शुष्क हवा और ऊबड़ खाबड़ इलाके होने की वजह से जमीन पर पहुंचने से पहले थोड़ा कमजोर हो सकता है।
IMD ने दी मछुआरों को यह सलाह
मोचा चक्रवात से सुरक्षित रहने के लिहाज से भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) कार्यालय ने मछुआरों, जहाजों, नावों और ट्रॉलरों को रविवार तक मध्य और पूर्वोत्तर बंगाल की खाड़ी और उत्तरी अंडमान सागर में नहीं जाने की सलाह दी है। बंगाल की मध्य खाड़ी और उत्तरी अंडमान सागर में नौकायन करने वालों को भी विभाग ने किनारे पर वापस लौट आने की सलाह दी है। इसके अलावा पिछले शुक्रवार के दिन मौसम विभाग ने कॉक्स बाजार के पास बांग्लादेश के निचले तटीय इलाके के लिए 1.5-2 मीटर ऊंची लहरों के उठने का अमुमान लगाया था। इस चक्रवात की वजह से नागालैंड, मणिपुर, और असम के दक्षिणी इलाके में कई जगहों पर बारिश होने की आशंका है।