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Monkeypox Outbreak: मंकीपॉक्स को लेकर चीन अलर्ट, इन देशों से आने वाले लोगों और उनके सामान की होगी जांच

Monkeypox Outbreak: विश्व स्वास्थ्य संगठन ने मंकीपॉक्स (Mpox) को दूसरी बार वैश्विक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया। यह वायरस संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से फैलता है और ह्यूमन टु ह्यूमन ट्रांसमिट होता है। इस बीच चीन ने कड़ा फैसला लिया है। मंकीपॉक्स प्रभावित देशों से आने वाले लोगों और उनके सामान की कड़ी निगरानी का फैसला किया है

MoneyControl Newsअपडेटेड Aug 16, 2024 पर 11:18 AM
Monkeypox Outbreak: मंकीपॉक्स को लेकर चीन अलर्ट, इन देशों से आने वाले लोगों और उनके सामान की होगी जांच
Monkeypox Outbreak: मंकीपॉक्स सबसे पहले अफ्रीका में फैला था। इसके बाद अब यह यूरोप के कुछ देशों में भी मामले सामने आने शुरू हो गए हैं।

कोरोना वायरस महामारी के बाद अब मंकीपॉक्स का कहर फिर से शुरू हो गया है। ऐसे में एक बार फिर से वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (World Health Organization - WHO) ने मंकीपॉक्स (Mpox) को लेकर ग्लोबल पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी घोषित कर दिया है। यह दूसरी बार है जब इसे लेकर WHO ने हेल्थ इमरजेंसी घोषित किया है। पहले यह अफ्रीका में फैला था और अब यूरोप के कुछ देशों में भी मामले सामने आने शुरू हो गए हैं। इस बीच चीन ने बड़ा फैसला किया है। चीन के कस्टम अधिकारियों ने कहा कि जिन देशों में मंकीपॉक्स का संक्रमण फैला है। उन देशों से आने वाले लोगों और उनके सामानों की अगले 6 महीने तक कड़ी निगरानी की जाएगी।

बता दें कि चिकनपॉक्स और स्मॉल पॉक्स परिवार का एमपॉक्स भी है। यह ह्यूमन टु ह्यूमन एक से दूसरे में पहुंचता है। फिलहाल राहत की बात यह है कि यह कोविड की तरह हवा में नहीं फैलता है। एक्सपर्ट का मानना है कि मंकीपॉक्स के प्रति अलर्ट रहना चाहिए।

Mpox Outbreak: चीन ऐसे करेगा निगरानी

चीनी अधिकारियों के मुताबिक, मंकीपॉक्स से प्रभावित देशों से आने वाले लोगों की कड़ी निगरानी की जाएगी। इन लोगों को अपनी हेल्थ रिपोर्ट का स्टेटस शेयर करना होगा। वहीं ये भी कहा गया है कि जिन देशों में मंकीपॉक्स फैला है। उन देशों से आने वाले लोगों के कंटेनर, वाहन, और सामान को सैनिटाइज किया जाना चाहिए। मंकीपॉक्स संक्रमण खतरनाक दर से फैल रहा है। इस साल 17,000 से अधिक मामले सामने आए हैं। 500 से अधिक मौतें हुईं हैं। जिनमें अधिकतर कांगो में हैं। मंकीपॉक्स कांगो के पड़ोसी देशों में भी फैल गया है। पहले जुलाई 2022 में एमपॉक्स को वैश्विक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया गया था। यह बीमारी कांगो सहित 13 अफ्रीकी देशों में फैल रही है।

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