मुंबई-नागपुर हाईवे पर 29 दिसंबर की अंधेरी रात में एक ऐसा हादसा हुआ, जिसे सुनते ही लोगों के होश उड़ गए हैं। हाईवे पर तेजी से सभी वाहन दौड़ रहे थे। अंधेरी रात थी। कार और ट्रकों की रोशनी से हाईवे जगमगा रहा था। तभी एक के बाद एक करीब 50 वाहन एक साथ पंचर हो गए। हाईवे में भीषण जाम लग गया। लोगों को कड़ाके की ठंड में हाईवे में ही गुजराना पडा। प्रशासन को जैसे ही इस बात की जानकारी मिली तो हड़कंप मच गया। जिस हाईवे में वाहन फर्राटे भर रहे थे। वहां वाहनों की लंबी कतार लग गई। सभी वाहन रेंगने लगे।
दरअसल, आप सोच रहे होंगे कि गाड़ी पंचर होना तो आम बात है, लेकिन यहां मामला थोड़ा अलग है। मुंबई-नागपुर हाईवे पर रात में लोहे का एक टुकड़ा टूटकर सड़क पर गिर गया था। इसके बाद रात में एक्सप्रेसवे से गुजरने वाले 50 से ज्यादा वाहनों के टायर इस लोहे के टुकड़े की वजह से पंचर हो गए। इसमें कार ही नहीं भारी वाहन जैसे ट्रक आदि भी शामिल हैं। एक ही जगह पर इतने सारे वाहन पंचर होने की वजह से एक्सप्रेसवे पर भारी जाम भी लग गया।
आखिर किसने फेंका लोहे का टुकड़ा
मुंबई-नागपुर हाईवे को समृद्धि मार्ग के नाम से भी जाना जाता है। समृद्धि एक्सप्रेसवे पर 29 दिसंबर की रात करीब 10 बजे के बाद यह घटना शुरू हुई। महाराष्ट्र के वाशिम जिले में स्थित मालेगांव और वनोजा टोल प्लाजा के बीच एक के बाद एक धड़ाधड़ 50 से ज्यादा कार और ट्रक पंचर हो गए। घटना के बाद लंबे समय तक कोई मदद भी एक्सप्रेसवे पर नहीं पहुंचा और वाहन चालक अपने परिवार के साथ रात भर अटके रहे। फिलहाल प्रशासन इस बात की जांच कर रहा है कि, लोहे की शीट वहां गलती से गिरी थी या फिर किसी ने इसे जानबूझकर वहां फेंका है। गनीमत रही कि इससे कोई जानलेवा हादसा नहीं हुआ है। अभी जून महीने में ही इसी एक्सप्रेसवे पर जालना जिले के पास बड़ा हादसा हुआ था। जिसमं 6 लोग मारे गए थे और 4 गंभीर रूप से घायल हुए थे।
मुंबई नागपुर समृद्धि हाईवे
समृद्धि हाईवे महाराष्ट्र में 6 लेन का है। यह 701 किमी लंबा है। यह मुंबई और राज्य के तीसरे सबसे बड़े शहर नागपुर को जोड़ने वाली देश की सबसे लंबी ग्रीनफील्ड सड़क परियोजनाओं में से एक है। इसे 55,000 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया था। यह भारत के सबसे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में से एक है। जिसके चलते मुंबई और नागपुर के बीच के सफर का समय काफी हद तक कम हो जाएगा।