Nagaur Mayra: मामा हो तो ऐसा! 8 करोड़ का मायरा, 2.21 करोड़ कैश, 100 बीघा जमीन, 1 किलो दिया सोना

Nagaur Mayra: राजस्थान के नागौर के ढीगसरा गांव में 6 भाइयों ने इकलौती बहन के बेटे की शादी में 8 करोड़ रुपये का मायरा भरा। लग्जरी गाड़ियों, ट्रैक्टर और बैलगाड़ी के साथ 5,000 लोगों का काफिला विवाह में शामिल होने पहुंचा। मायरा यानी भात भरने की परंपरा में मामा अपने भांजे-भांजी की शादी में कपड़े, पैसे सामान लेकर जाते हैं

अपडेटेड Mar 28, 2023 पर 12:30 PM
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शादी में मायरा भरने की प्रथा को लेकर राजस्थान का नागौर जिला एक बार फिर चर्चा में है

Nagaur Mayra: राजस्थान के नागौर में एक ऐसी खबर सामने आई है। जिसे सुनकर आप आश्चर्य में पड़ जाएंगे। 6 भाईयों ने मिलकर अपने बहन के बेटे (भांजे) की शादी में 8 करोड़ रुपए का मायरा भरा है। ये जब थाली में कैश, ज्वेलरी लेकर पहुंचे तो लोग हैरान रह गए। मामला जिले से 30 किलोमीटर दूर शिवपुरा गांव का है। यह अब तक का सबसे बड़ा मायरा माना जा रहा है। नागौर के ढींगसरा गांव निवासी मेहरिया परिवार की ओर से यह मायरा भरा गया।

अर्जुन राम मेहरिया, भागीरथ मेहरिया, उम्मेदाराम मेहरिया, हरिराम मेहरिया, मेहराम मेहरिया, प्रह्लाद मेहरिया अपनी इकलौती बहन भंवरी देवी के मायरा लेकर पहुंचे। इनके भांजे सुभाष गोदारा की आज ही शादी हुई।

मायरे में भरी गईं ये चीजें


मायरा भरने के लिए गांव के लोग जब निकले तो लग्जरी गाड़ियों की लाइन लग गई। काफिले में सबसे पहले बैलगाड़ी थी। इसके बाद देशी घी और चीनी से भरे नया ट्रैक्टर ट्रॉली पहले एक बैलगाड़ी आगे भेजी गई। इसके पीछे हजारों गाड़ियों का काफिला था। यह काफिला करीब 2 किमी लंबा था। जानकारी के मुताबिक मेहरिया भाईयों ने अपने भांजे के मायरे में 2.21 करोड़ रुपए नकद, 100 बीघा खेत (4.42 करोड़), एक किलो 125 ग्राम सोना (71 लाख रुपए), 14 किलो चांदी (9.80 लाख रुपए) एक बीघा का आवासीय प्लाट (50 लाख), का मायरा भरा गया। रायधुन गांव के लोगों को 800 कंबल बांटे गए। इसके साथ ही एक-एक चांदी का सिक्का भी दिया गया।

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कौन है मेहरिया परिवार

नागौर के भागीरथ मेहरिया का परिवार सरकारी ठेके, प्रॉपर्टी और खेती किसानी से जुड़ा है। इनका मुख्य काम खेती है।

क्या होता है मायरा?

बहन के बच्चों की शादी होने पर ननिहाल पक्ष की ओर से मायरा भरा जाता है। इसे सामान्य तौर पर भात भी कहते हैं। इस रस्म में ननिहाल पक्ष की ओर से बहन के बच्चों के लिए कपड़े, गहने, रुपए और अन्य सामान दिया जाता है। इसमें बहन के ससुराल पक्ष के लोगों के लिए भी कपड़े और जेवरात आदि दिए जाते हैं।

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