Nagpur Double Murder: इंजीनियरिंग स्टूडेंट ने क्यों की मां-बाप की हत्या? सामने आया चौंकाने वाला सच

Nagpur Double Murder Case: नए साल के दिन नागपुर के खासला इलाके में 25 वर्षीय उत्कर्ष ढकोले ने अपने माता-पिता की बेरहमी से हत्या कर दी। इंजीनियरिंग में बार-बार फेल और नशे की लत के कारण वह माता-पिता के तानों से परेशान था। हत्या के बाद उसने आत्महत्या का फर्जी नोट बनाया। पड़ोसियों ने दुर्गंध से पुलिस को सूचना दी, जिससे सच सामने आया

अपडेटेड Jan 02, 2025 पर 12:38 PM
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नागपुर में बेटे ने की मां-बाप की हत्या

नए साल के पहले दिन नागपुर के खासला इलाके से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जिसने पूरे इलाके को सन्न कर दिया। 25 वर्षीय उत्कर्ष ढकोले ने अपने ही माता-पिता की बेरहमी से हत्या कर दी। मामला कपिल नगर पुलिस स्टेशन के तहत दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार, 26 दिसंबर को घटी इस वारदात के बाद आरोपी ने सबूत मिटाने और पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की। उसने पिता की हत्या को आत्महत्या का रूप देने के लिए एक फर्जी सुसाइड नोट तैयार किया। आरोपी ने पुलिस और परिजनों को बताया कि उसके पिता ने खुद अपनी जान ले ली।

हालांकि, घटनास्थल पर मिले सबूतों और परिस्थिति ने पुलिस को संदेह में डाल दिया। जब उत्कर्ष से सख्ती से पूछताछ की गई, तो वह आखिरकार टूट गया और अपनी भयावह हरकत कबूल कर ली। इस खौफनाक घटना ने जहां एक ओर परिवार को तबाह कर दिया। वहीं दूसरी ओर पूरे मोहल्ले में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है।

युवक ने क्यों की हत्या?


उत्कर्ष ने पुलिस पूछताछ में बताया कि वह पिछले छह साल से इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा था, लेकिन बार-बार फेल हो रहा था। इस कारण माता-पिता उसे पढ़ाई छोड़कर खेती करने की सलाह दे रहे थे। पिता लीलाधर ढकोले महाजेनको कंपनी में टेक्नीशियन थे, जबकि मां अरुणा प्राइवेट स्कूल में टीचर थीं। बेटे की नाकामी पर उन्हें शर्मिंदगी होती थी। उन्होंने उसे ताने मारना शुरू कर दिया। इसी तनाव ने उत्कर्ष को इस खौफनाक कदम उठाने पर मजबूर कर दिया।

ड्रग्स की लत और गुस्से की हद

उत्कर्ष ने यह भी कबूल किया कि वह ड्रग्स की लत का शिकार था, जिसके कारण पढ़ाई में असफल हो रहा था। तानों और पेरेंट्स के दबाव ने उसे मानसिक रूप से परेशान कर दिया। 26 दिसंबर को उत्कर्ष ने अपनी बहन सेजल को कॉलेज छोड़ा और घर लौटकर मां अरुणा की गला घोंटकर हत्या कर दी। इसके बाद उसने पिता के घर आने का इंतजार किया। दोपहर में पिता के आते ही उसने चाकू से उन पर हमला कर दिया।

सुसाइड नोट और झूठ की कहानी

हत्या के बाद उत्कर्ष ने पिता के फोन पर एक फर्जी सुसाइड नोट लिखा, जिसमें लिखा था कि उनकी मौत के लिए वे स्वयं जिम्मेदार हैं। इस नोट का स्क्रीनशॉट भी सेव कर लिया। वह घर को लॉक करके पिता का फोन और कार लेकर अपने चाचा के घर पहुंचा और बहन को भी वहीं बुला लिया। उसने बहन से झूठ कहा कि माता-पिता बेंगलुरु में एक मेडिटेशन कैंप में गए हैं।

पड़ोसियों ने खोला राज

घटना का खुलासा तब हुआ, जब पड़ोसियों को घर से दुर्गंध आने लगी। बाद में इसकी जानकारी पुलिस को दी गई। पुलिस ने दरवाजा तोड़ा तो माता-पिता के शव बरामद हुए। पूछताछ में उत्कर्ष टूट गया और हत्या की बात कबूल कर ली। उसने बताया कि पिता पर कितने वार किए, यह उसे खुद याद नहीं। इस खौफनाक कांड ने पूरे नागपुर को हिला दिया है।

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