New York Hotel में आदमी ने बिताए मुफ्त में 5 साल, ऐसे बन बैठा फिर होटल का मालिक

New York Hotel: न्यू यॉर्क के एक आदमी ने एक होटल मालिक की नींदें ही उड़ा दी। पहले ये आदमी पांच साल तक होटल में बिलकुल मुफ्त रहा फिर इसने होटल के मालिकाना हक के लिए क्लेम डाल दिया। जब बात इतने से नहीं बनीं तो उसे ही किराया देने के लिए भी दबाव बनाया। आदमी को फिलहाल पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है

अपडेटेड Feb 20, 2024 पर 4:35 PM
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न्यू यॉर्क स्थित इस होटल के नियमों में आदमी ने ढूंढ डाली खामी फिर मुफ्त में बिताए पांच साल

New York Hotel: होटलों में रहना काफी महंगा होता है। जितनी बड़ी सिटी उतने महंगे होटल्स। एक आदमी ने होटलों में बिना पैसे दिए रहने का ऐसा हैक निकाला कि खुद होटल के मालिक का दिमाग चकरा गया। न्यूयॉर्क के रहने वाले एक आदमी ने फेमस मैनहैटन होटल में पांच साल बिताए और वो भी बिना किसी किराए के। ये सब आदमी ने किया एक लोकल हाउसिंग कानून के चलते। Mickey Barreto नाम का ये आदमी बस यहीं तक नहीं रुका। सारी हदें पार करते हुए उसने पूरी बिल्डिंग के मालिकाना हक के लिए ही क्लेम डाल दिया।

जानिए होटलों के नियम

Mickey Barreto नाम के इस आदमी ने पहले मुफ्त में बिल्डिंग में कई साल बिताए और फिर बिल्डिंग के मालिकाना हक के लिए तो क्लेम मांगा। साथ ही किराया देने की भी मांग कर दी। बुधवार को उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। आदमी के खिलाफ गलत संपत्ति रिकॉर्ड दाखिल करने का आरोप लगाया गया है। 48 साल के बैरेटो का कहना है कि जब पुलिस उनके बॉयफ्रेंड के अपार्टमेंट में बंदूकों और बुलेटप्रूफ शील्ड के साथ पहुंची तो उन्हें काफी हैरानी हुई। ये कोई क्रिमिनल केस तो था नहीं जो पुलिस इतनी तैयारी के साथ आती। फिर बैरेटो को लगा कि ये उसके बॉयफ्रेंड का उसे वैलेंटाइन पर सरप्राइज करने का प्लान है लेकिन जैसे ही महिला ऑफिसर्स को देखा तो उसकी ये गलतफहमी भी दूर हो गई।


फ्रॉड को दिया ऐसे अंजाम

धोखाधड़ी से लेकर मिकी के फ्रॉड का सारा कांड कई साल पहले हुई घटना से जुड़ा है। दरअसल उनके प्रेमी ने होटल के 1,000 से अधिक कमरों में से एक को किराए पर लेने के लिए लगभग 200 डॉलर का भुगतान किया। बिल्डिंग 1930 में बनी थी। बैरेटो कुछ ही समय पहले लॉस एंजिल्स से न्यूयॉर्क शिफ्ट हुए थे। तभी उनके प्रेमी ने उन्हें बताया कि जो भी बिल्डिंग्स 1969 से पहले बनी हैं उनमें छह महीने के लिए कमरों को लीज पर लिया जा सकता है। बैरेटो ने दावा किया कि क्योंकि होटल में एक रात के लिए पैसा दिया जा चुका था इसलिए उन्हें किरायेदार के रूप में गिना जाता। मिक्की ने लीज पर कमरा मांगा तो होटल वालों ने धक्के मारकर बाहर निकाल दिया।

होटल में मुफ्त में रहने के लिए किया ये काम

बैरेटो ने हार नहीं मानी और अगले दिन अदालत पहुंच गया। जज के इनकार के बाद सुप्रीम कोर्ट में अपील की गई और केस में बैरेटो की जीत हुई। केस के दौरान बिल्डिंग के मालिक उपस्थित नहीं हुई इसलिए जीत बैरेटो की ही मानी गई। जज ने होटल को बैरेटो को एक चाबी देने का आदेश दिया। उन्होंने कहा कि वह जुलाई 2023 तक बिना कोई किराया चुकाए वहां रहे। होटल वालों ना ही उनके साथ लीज पर कोई बात की थी और ना ही किसी तरह से नेगोशिएट किया इसलिए वो मिक्की वो वहां से नहीं निकाल सकते हैं।

होटल पर कर लिया कब्जा

मैनहट्टन होटल के वकीलों ने बताया कि हाउसिंग कोर्ट ने बैरेटो को कमरा दे दिया। लेकिन इतने पर भी वो नहीं रुका: 2019 में, उसने शहर की एक वेबसाइट पर एक फर्जी दस्तावेज अपलोड किया जिसमें पूरी इमारत का मालिकाना हक Holy Spirit Association for the Unification of World Christianity से खुद को ट्रांसफर करने का दावा कर दिया। 1976 में एसोसिएशन ने होटल को खरीदा था।

संस्थाओं पर लगाया आरोप

इसके बाद बैरेटो ने इमारत के मालिक के रूप में विभिन्न संस्थाओं पर आरोप लगाने की कोशिश की, जिसमें होटल के किरायेदारों में से एक से किराए की मांग करना, पानी और सीवेज भुगतान के लिए न्यूयॉर्क शहर के पर्यावरण संरक्षण विभाग के साथ होटल को अपने नाम पर रजिसट्र करना और होटल बैंक को अपने अकाउंट पर ट्रांसफर करवाने जैसी चीजें शामिल थीं।

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होटल से जुड़ा है गहरा इतिहास

मैडिसन स्क्वायर गार्डन और पेन स्टेशन से एक ब्लॉक की दूरी पर स्थित, न्यू यॉर्कर कभी भी शहर के सबसे ग्लैमरस होटलों में से एक नहीं रहा है, लेकिन यह लंबे समय से सबसे बड़े होटलों में से एक है। निकोला टेस्ला तक एक दशक तक इस होटल में रहे। NBC ने होटल के टेरेस रूम से प्रसारण किया। इसे 1972 में एक होटल के रूप में बंद कर दिया गया और 1994 में इमारत के एक हिस्से को होटल के रूप में फिर से खोलने से पहले इसका उपयोग चर्च के लिए किया गया।

धोखाधड़ी का नहीं था इरादा

यूनिफिकेशन चर्च ने 2019 में बैरेटो पर मुकदमा दायर किया, जिसमें इमारत के मालिक के रूप में लिंक्डइन पर उनका प्रतिनिधित्व भी शामिल था। मामला चल रहा है, लेकिन एक न्यायाधीश ने फैसला सुनाया कि बैरेटो इस बीच खुद को मालिक घोषित नहीं कर सकते। बैरेटो ने कहा, "मेरा कभी कोई धोखाधड़ी करने का इरादा नहीं था। मुझे नहीं लगता कि मैंने कभी कोई धोखाधड़ी की है और मैंने इससे कभी एक पैसा भी नहीं कमाया।"

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