Noida Supertech Twin Towers Demolition Live Updates: नोएडा सेक्टर 93ए में स्थित अवैध ट्विन टावर को ध्वस्त कर दिया गया है। महज 9 सेकंड में इमारत जमींदोज हो गई। ध्वस्त होते ही चारों ओर धूल का गुबार बन गया और इमारत मलबे में तब्दील हो गई। ये धूल का गुबार अगले तीन से चार दिनों तक लोगों को परेशान कर सकता है। वहीं, इससे बचने के लिए बच्चों और बुजुर्गो को मास्क लगाने की जरूरत पड़ेगी।
सुपरटेक के दोनों अवैध ट्विन टावर को रविवार को महज चंद सेकंड में जमींदोज कर दिया गया। ये विवादित गगनचुंबी इमारतें देखते ही देखते मिट्टी में मिल गईं। नोएडा प्रशासन और पुलिस के आला अधिकारी इस मौके पर मौजूद थे। वरिष्ठ अधिकारी स्पेशल कमांड सेंटर से पल पल की निगरानी कर रहे थे। ढाई बजते ही एक धमाके के साथ ट्विन टावर को सिर्फ 9 सेकंड में जमीदोंज कर दिया गया।
बस एक बटन दबाते ही एक मिनट के अंदर पूरी बिल्डिंग धराशायी हो गई। 9000 से ज्यादा छेद कर 3700 किलो बारूद भर इस टावर को ध्वस्त किया गया। बिल्डिंग गिरने के बाद तीन किलोमीटर इलाके तक धूल फैलती दिखी। प्रदूषण पर काबू पाने के लिए एंटी फगिंग गन और 75 वाटर टैंक तैनात किए गए थे।
ट्विन टावर को ढहाए जाने के मद्देनजर प्रादेशिक आर्म्ड कांस्टेबुलरी (पीएसी) के अलावा पुलिस और यातायात विभाग के लगभग 500 कर्मियों को वहां तैनात किया गया था। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि रविवार सुबह करीब 5 बजे सेक्टर 93ए में एमराल्ड कोर्ट और एटीएस विलेज के आसपास के दो आ वासीय सोसाइटी से सभी निवासियों को निकालने का काम पूरा होने के बाद यातायात मार्ग में परिवर्तन किया गया।
दोनों इमारतों में 3,700 किलोग्राम से अधिक विस्फोटक लगाया गया था। ध्वस्तीकरण के मद्देनजर ट्विन टावर के आसपास के लगभग 500 वर्ग मीटर के क्षेत्र को वर्जित क्षेत्र में तब्दील कर दिया गया था, जहां किसी भी इंसान, वाहन या जानवर को जाने की अनुमति नहीं थी।
राजेश ट्विन टावर से जुड़े निकासी कार्यों की देखरेख के लिए पुलिस के अभियान कमांडर थे। किसी भी संदेह की सूरत में लोग जानकारी के लिए नोएडा के यातायात हेल्पलाइन नंबर 99710 09001 पर संपर्क कर सकते हैं।
लोगों में ट्विन टावर को देखने के लिए काफी उत्सुकता बनी हुई थी। ऐसे में कोई अनहोनी ना हो, इसके लिए नोएडा प्रशासन और पुलिस पूरी तरह तैयार थे। ट्विन टावर के आसपास का पूरा इलाका छावनी में तब्दील कर दिया गया था। 800 से ज्यादा पुलिसकर्मियों को नोएडा सेक्टर 93 में तैनात किया गया था। पुलिस ने आसपास की हाईराइज इमारतों के लिए खास एडवाइजरी भी जारी की थी।