Omega 3: आज कल की इस भाग दौड़ भरी जिंदगी में खानपान और लाइफ स्टाइल में केफी बदलाव आ गया है। ऐसे में कई तरह के रोग बढ़ते जा रहे हैं। वैसे हेल्दी लाइफ के लिए शरीर की सेहत बेहतर होना बहुत जरूरी है। अगर आपके शरीर में कई तरह को पोषक तत्व मौजूद हैं तो बीमार की संभावना बेहद कम हो जाती है। इन पोषक तत्वों में विटामिन, मिनरल्स, कार्बोहाइड्रेट और प्रोटीन बेहद जरूरी है। वैसे भी शरीर को ओमेगा 3 फैटी एसिड की बहुत जरूरत होती है। अगर शरीर में इस तत्व की कमी है तो दिल, दिमाग से जुड़ी कई तरह की कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।
दरअसल, ओमेगा 3 फैटी एसिड हर सेल्स के सेल में ब्रेन का हिस्सा होता है। यह सेल रिसेप्टर का काम करता है। ओमेगा 3 के कारण ही हार्मोन बनता है। यह ब्लड क्लॉटिंग, कंस्ट्रेशन और रिलेक्शेसन को रेगुलेट करता है। ओमेगा 3 हार्ट के मसल्स में सूजन नहीं होने देता है।
जानिए क्या है ओमेगा 3 फैटी एसिड
ओमेगा 3 फैटी एसिड पॉलीअनसैचुरेटेड फैटी एसिड होते हैं। हमारे शरीर में कई तरह को कोशिकाएं बनाती हैं। शरीर इन फैट्स को अपने आप नहीं बना सकता है। ये एक प्रकार के फैट हैं। जिसे अपनी डाइट में शामिल करना बहुत जरूरी है। इसकी कमी से कई तरह की बीमारियां घेर लेती हैं। एक स्वस्थ व्यक्ति को रोजाना कम से कम 250-500 मिलीग्राम ओमेगा-3 फैटी एसिड लेना चाहिए। इसकी कमी से त्वचा सूखने लगती है। कुछ मामलों में कील मुहासे भी निकलने लगते हैं। इसकी कमी से लोग डिप्रेशन में भी चले जाते हैं। इतना ही नहीं इसकी कमी से बालों में घनेपन में भी कमी आने लगती है।
हार्ट को हेल्दी रखने के लिए ओमेगा 3 फैटी एसिड बेहद जरूरी है। अगर इसकी कमी हो जाए तो दिल से जुड़ी बीमारियों का जोखिम बढ़ सकता है। हार्ट में ब्लॉकेज समेत कई गंभीर परेशानियां का खतरा बढ़ सकता है। बता दें कि ओमेगा 3 फैटी एसिड में ऐसे गुण पाए जाते हैं जो ट्राइग्लिसराइड को गला देता है। लिहाजा हर्ट से जुड़ी बीमारियों से ओमेगा 3 फैटी एसिड के जरिए बचाव होता है।
ओमेगा 3 फैटी एसिड की कमी होने पर आपको अल्जाइमर, डिमेंशिया और बायपोलर डिजीज का खतरा बढ़ने की आशंका बढ़ जाती है। इसकी कमी से याददाश्त भी जा सकती है। इतना ही नहीं दिमाग से जुड़ी कई समस्याएं भी बढ़ सकती हैं। लोगों का स्वभाव चिड़चिड़ा हो जाता है। अगर किसी को ज्यादा गुस्सा आता है तो ओमेगा 3 की कमी हो सकती है।
ओमेगा-3 सबसे बढ़िया स्रोत मछली को माना जाता है। लेकिन समस्या यह है कि बहुत से लोग मछली नहीं खाते हैं। ऐसे में हम कुछ ऐसी देसी चीजें बता रहे हैं। जिससे इसकी आपूर्ति की जा सकती हैं।
अलसी के बीज भूरे या पीले बीज ओमेगा-3 का खजाना हैं। आप ओमेगा-3 की कमी पूरी करने के लिए इसका तेल इस्तेमाल कर सकते हैं। अलसी फाइबर, मैग्नीशियम और अन्य पोषक तत्वों का भी अच्छा स्रोत हैं। चम्मच (10.3 ग्राम) अलसी के बीज में 2,350 मिलीग्राम ओमेगा-3 पाया जाता है।
राजमा लगभग सभी घरों में खाया जाता है। यह सबको पसंद भी है। ज्यादातर लोग चावल के साथ राजमा खाना पसंद करते हैं। टेस्टी होने के साथ यह ओमेगा-3 फैटी एसिड सहित कई पोषक तत्वों का खजाना है। आधा कप राजमा में लगभग 0.10 ग्राम ओमेगा होता है।