कोरोना वायरस महामारी का खतरा अभी तक पूरी दुनिया से टला नहीं है। इसके नए-नए वेरिएंट दस्तक दे रहे हैं। अब फिर से कोरोना वायरस महामारी ने पूरी दुनिया की टेंशन बढ़ा दी है। कोरोना वायरस के एक नए वेरिएंट XE ने दस्तक दी है। WHO ने कहा है कि ये नया वेरिएंट ओमीक्रोन BA.2 से भी 10 गुना ज्यादा संक्रामक है। इसका मतलब ये हुआ कि ओमीक्रोन के ओरिजनल वेरिएंट से ये 43 फीसदी ज्यादा तेजी से फैलता है। बता दें कि XE वेरिएंट ओमीक्रोन के दो सब लीनेज BA.1 और BA.2 से मिलकर (रीकॉम्बिनेंट स्ट्रेन) बना है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इसे लेकर चिंता जताई है। WHO का कहना है कि BA.2 सब-वेरिएंट अब दुनियाभर के लिए सबसे बड़ी चिंता बन चुका है, जिसके सीक्वेंस्ड मामलों की संख्या लगभग 86 फीसदी है।
BA.1 और BA.2 का रीकॉम्बिनेंट स्ट्रेन है XE
ब्रिटेन की ब्रिटिश हेल्थ सिक्योरिटी एजेंसी (HAS) की एक स्टडी से पता चला है कि मौजूदा समय में 3 हाइब्रिड COVID वेरिएंट चल रहे हैं। इसमें डेल्टा और BA.1 के कॉम्बिनेशन से पैदा हुए दो अलग-अलग वेरिएंट XD और XF हैं, जबकि तीसरा XE है। रिपोर्ट के मुताबिक XE वेरिएंट पुराने ओमीक्रोन के दो सब लीनेज BA.1 और BA.2 का रीकॉम्बिनेंट स्ट्रेन है। हालांकि WHO ने अपनी हालिया रिपोर्ट में कहा है कि जब तक XE वेरिएंट के ट्रांसमिशन और बीमारी के व्यवहार में महत्वपूर्ण बदलाव नहीं देखा जाएगा तब तक इसे ओमीक्रोन वेरिएंट से ही जोड़कर देखा जाएगा।
ब्रिटेन में मिला था पहला केस
ओमीक्रोन के XE वेरिएंट का पहला केस 19 जनवरी को ब्रिटेन में मिला था। तब से अब तक इस वेरिएंट के 600 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं। इसके अलावा ये वेरिएंट फ्रांस, डेनमार्क और बेल्जियम में भी पाया गया है। HAS के मुताबिक, XE वेरिएंट की संक्रामकता, गंभीरता के बारे में निष्कर्ष निकालने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं है। लिहाजा इस वेरिएंट पर वैक्सीन काम करेगी या नहीं, यह भी अभी पता नहीं है।
कितना खतरनाक है रीकॉम्बिनेंट वेरिएंट
WHO ने रिपोर्ट में कहा कि वो XE जैसे रीकॉम्बिनेंट वेरिएंट से होने वाले खतरों को लगातार मॉनिटर करता रहेगा और इससे जुड़े साक्ष्य सामने आते है अपडेट देगा। XE के अलावा, WHO एक अन्य रीकॉम्बिनेंट वेरिएंट XD पर भी नजर बनाए हुए है, जो कि डेल्टा और ओमीक्रोन का एक हाइब्रिड है। इसके ज्यादातर मामले फ्रांस, डेनमार्क और बेल्जियम में पाए गए हैं।