फिल्म एक्टर प्रकाश राज (Prakash Raj) चंद्रयान-3 (Chandrayaan-3) को लेकर अपनी एक पोस्ट के चलते विवादों में घिर गए हैं। अभिनेता ने व्यंग्य करते हुए भारत के मून मिशन (Moon Mission) को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक ट्वीट किया। उनकी इस पोस्ट पर न सिर्फ इंटरनेट यूजर्स बल्कि राजनीतिक गलियारे के लोग भी भड़क उठे, और उन्हें आलोचनाओं का सामना करन पड़ रहा है। लोगों ने उनके पोस्ट को असंवेदनशील और अपमानजनक करार दिया।
इस ट्वीट में प्रकाश ने एक कार्टून शेयर किया, जिसमें शर्ट और लुंगी पहने एक शख्स को बड़े ही अनोखे अंदाज में चाय डालते हुए दिखाया गया है। इस पर उन्होंने कैप्शन दिया, "BREAKING NEWS:- विक्रम लैंडर से आने वाली चंद्रमा की पहली तस्वीर... Wowww #Juskasking"
उनके इस ट्वीट के बाद यूजर्स तुरंत नाराज हो गए और इस पर अभिनेता की काफी आलोचना भी की। एक यूजर ने किसी से असहमत होने और अपने देश के प्रति नकारात्मकता रखने के बीच अंतर को समझाने की कोशिश की।
इस शख्स ने लिखा, "किसी से नफरत करना और अपने देश से नफरत करना दोनों में अंतर है। आपकी ये सोच देखकर बहुत दुख हुआ! साफ कर रहा हूं कि चंद्रयान-3 ISRO का मिशन है, न कि किसी राजनीतिक पार्टी से इसका संबंध है।"
एक और यूजर ने लिखा, "प्रकाश जी, चंद्रयान मिशन ISRO का है, BJP का नहीं। अगर ये सफल हो जाता है, तो ये भारत के लिए होगा, किसी पार्टी के लिए नहीं। आप क्यों चाहते हैं कि मिशन फेल हो जाए? BJP सिर्फ एक सत्ताधारी पार्टी है और एक न एक दिन ये चली जाएगी, लेकिन ISRO सालों तक रहेगा और हमें ऐसे ही गर्व महसूस कराता रहेगा। आप बुनियादी राष्ट्रवाद को भूल रहे हैं। भारत की विफलता, जीत नहीं होनी चाहिए। ISRO को इस राजनीतिक नफरत से अलग रखें।"
वहीं कांग्रेस ने भी प्रकाश राज के इस ट्वीट की आलोचना की है। कांग्रेस नेता अभिषेक सिंघवी ने चंद्रयान-3 चंद्रमा मिशन का मजाक उड़ाने वाले ट्वीट के लिए अभिनेता प्रकाश राज की आलोचना की और कहा कि ये "शर्मनाक" है।
सिंघवी ने X पर एक पोस्ट में कहा, “मैं इस शर्मनाक ट्वीट के लिए प्रकाश राज की निंदा करता हूं। इसरो की सफलता भारत की सफलता है. #Chandrayaan3 #Vikranlander।
प्रकाश राज सत्तारूढ़ पार्टी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लगातार आलोचना के लिए जाने जाते हैं। सितंबर 2017 में अपनी दोस्त और पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या के बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर हैशटैग #justasking के साथ अपनी सक्रिय राजनीतिक भागीदारी शुरू की।
जबकि उन्होंने 2019 के भारतीय आम चुनाव में बेंगलुरु सेंट्रल लोकसभा क्षेत्र के लिए एक निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा।