Queen Elizabeth Death: भारत सरकार ने ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के निधन के मद्देनजर पूरे देश में 11 सितंबर को एक दिवसीय राजकीय शोक का ऐलान किया है। बता दें कि ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय का गुरुवार को निधन हो गया। वह 96 साल की थीं। एलिजाबेथ द्वितीय ब्रिटेन पर सबसे लंबे समय तक राज करने वाली शाही हस्ती हैं। वह 70 साल शासन के शीर्ष पर रहीं।
बकिंघम पैलेस ने गुरुवार को एक बयान जारी कर कहा, “आज दोपहर बाल्मोरल में महारानी का निधन हो गया। किंग और क्वीन कंसोर्ट आज शाम बाल्मोरल में रहेंगे। वे कल लंदन लौटेंगे।” बीबीसी के मुताबिक, एलिजाबेथ द्वितीय के निधन के बाद उनके सबसे बड़े बेटे प्रिंस चार्ल्स ब्रिटेन के नए महाराज और राष्ट्रमंडल देशों के नए राष्ट्राध्यक्ष के रूप में महारानी के अंतिम संस्कार और श्रद्धांजलि कार्यक्रम की अगुवाई करेंगे।
महारानी के निधन के बाद दुनियाभर में शोक की लहर है। इस क्रम में भारत सरकार ने भी फैसला किया है कि महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के निधन के बाद पूरे देश में रविवार 11 सितंबर को एक दिन का राजकीय शोक होगा। रविवार को झंडा आधा झुका रहेगा।
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने अपने बयान में उल्लेख किया है कि राष्ट्रीय ध्वज पूरे भारत में उन सभी भवनों पर फहराया जाएगा जहां राष्ट्रीय ध्वज नियमित रूप से फहराया जाता है। साथ ही ये भी कहा गया है कि राजकीय शोक के दिन कोई भी आधिकारिक मनोरंजन नहीं होगा।
महारानी एलिजाबेथ द्वितीय अपने निधन से दो दिन पहले आखिरी बार सार्वजनिक तौर पर नजर आई थीं। उन्होंने ब्रिटिश प्रधानमंत्री लिज ट्रस से मुलाकात की थी और उनसे नई सरकार बनाने को कहा था। महारानी ने स्कॉटलैंड के बाल्मोरल में मंगलवार को ट्रस से मुलाकात की थी जहां कंजर्वेटिव पार्टी की नई नेता से नई सरकार के गठन को कहा गया था। इससे पहले बोरिस जॉनसन ने प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था।
महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के निधन पर गुरुवार को दुनिया भर के नेताओं ने शोक जताया और उन्हें ‘सहृदय’ महारानी बताते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि दी। अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने 1982 में महारानी के साथ अपनी पहली मुलाकात और 2021 में ब्रिटेन यात्रा के दौरान महारानी की मेजबानी को याद किया। संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंतोनियो गुतारेस ले कहा कि महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के निधन से वह बहुत दुखी हैं। उन्होंने महारानी के परिवार, ब्रिटेन की सरकार, जनता के प्रति संवेदनाएं व्यक्त कीं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि महारानी एलिजाबेथ द्वितीय सार्वजनिक जीवन में गरिमा और शालीनता की प्रतिमूर्ति रहीं और उनके साथ 2015 तथा 2018 में हुई यादगार मुलाकातों को याद किया। पीएम मोदी ने कहा, ‘‘मैं उनकी गर्मजोशी और उदारता को कभी नहीं भूल सकता हूं। एक भेंट के दौरान उन्होंने मुझे वह रुमाल दिखाया जो उनके विवाह के अवसर पर महात्मा गांधी ने उन्हें भेंट किया था। उनके इस व्यवहार को सदा पसंद करता हूं।’’
उन्होंने आगे कहा, ‘‘महामहिम महारानी एलिजाबेथ द्वितीय को हमारे समय की एक कद्दावर शख्सियत के रूप में सदैव याद रखा जाएगा। वह सार्वजनिक जीवन में गरिमा और शालीनता की प्रतिमूर्ति थीं। उनके निधन से दुखी हूं। दुख की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिवार और ब्रिटेन के लोगों के साथ हैं।’’