Rahul Gandhi Diwali Video: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा है कि दिल्ली के लुटियन क्षेत्र स्थित सरकारी आवास '10 जनपथ' उन्हें बहुत ज्यादा पसंद नहीं हैं, क्योंकि यहीं रहते हुए उनके पिता एवं पूर्व पीएम राजीव गांधी की तमिलनाडु में हत्या हुई थी। उन्होंने दिवाली के अवसर पर दिल्ली में कुछ पेंटर और कुम्हार परिवारों के साथ बातचीत करने से जुड़े अपने एक वीडियो में यह बातें कही। इस वीडियो में राहुल के साथ उनके भांजे रेहान भी नजर आ रहे हैं। रेहान कांग्रेस सांसद की बहन प्रियंका गांधी वाड्रा और कारोबारी रॉबर्ट वाड्रा के बेटे हैं। वीडियो में राहुल गांधी और रेहान पेंटरों के साथ काम करते भी देखे जा सकते हैं। दोनों दीवारों पर पेंटिंग करने का काम सीखते नजर आ रहे हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में राहुल गांधी अपने भांजे से कहते हैं, "यहां (रहते हुए) मेरे पिता की मौत हुई, इसलिए मुझे यह मकान बहुत ज्यादा पसंद नहीं है।" पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की 21 मई 1991 को तमिलनाडु के श्रीपेरंबुदूर में आतंकवादियों ने हत्या कर दी थी। उस वक्त राजीव गांधी का आधिकारिक आवास '10 जनपथ' ही था। इसके बाद से उनकी पत्नी एवं कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी इसी आवास में रहती हैं।
पिछली लोकसभा में एक अदालती फैसले के कारण अपनी सदस्यता जाने के बाद राहुल गांधी ने पिछले साल तुगलक लेन स्थित अपना आवास खाली कर दिया था। इसके बाद से वह अपनी मां सोनिया गांधी के साथ रह रहे हैं। बाद में उनकी सदस्यता बहाल भी हो गई थी। इस वीडियो में राहुल दिल्ली के उत्तम नगर में कुम्हार समुदाय की महिलाओं से बातचीत और उनके साथ दीया बनाने में अपना हाथ आजमाते हुए दिखाई दे रहे हैं।
राहुल गांधी ने पेंटरों और कुम्हारों के परिवारों के साथ बातचीत में उनके अनुभवों और काम की स्थिति के बारे में जाना। उन्होंने अपने 'यूट्यूब' चैनल पर यह वीडियो पोस्ट करते हुए कहा, "एक यादगार दिवाली, खास लोगों के साथ। यह दिवाली कुछ पेंटर भाइयों के साथ काम कर, एक कुम्हार परिवार के साथ मिट्टी के दीये बनाकर मनाई। उनके काम को नजदीक से देखा, उनका हुनर सीखने की कोशिश की और उनकी तकलीफों एवं समस्याओं को समझा।"
उन्होंने इस वीडियो को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भी शेयर किया। वीडियो में राहुल गांधी आगे कहते हैं, "वे (लोग) अपने घर नहीं जाते हैं। हम त्योहार खुशी से मना लें, थोड़े पैसे कमा लें, इसलिए अपना गांव, शहर, परिवार सब भूल जाते हैं। वे मिट्टी से खुशियां बनाते हैं, दूसरों के पर्व को रोशन करते-करते क्या खुद उजालों में जी पाते हैं? घरौंदे बनाने वाले अपने घर मुश्किल से चला पाते हैं।"
उन्होंने कहा, "दिवाली मतलब प्रकाश, जो गरीबी और मजबूरी का अंधेरा दूर कर पाए, जिसकी लौ में हर गृहस्थी मुस्कुराए। हमें एक ऐसा सिस्टम बनाना है- जो हुनर को हक़ और योगदान को सम्मान दिलाए- सबकी दिवाली, खुशियों वाली बनाए।" कांग्रेस नेता ने कहा, "आशा करता हूं यह दिवाली आप सभी के जीवन में समृद्धि, तरक्की और मोहब्बत लेकर आए।"