मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) में गुरुवार को बिजली (Lightning) गिरने से 11 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। इसके साथ ही राज्य में प्राकृतिक आपदा से मरने वालों की संख्या 45 हो गई है। अधिकारियों ने बताया कि मध्य प्रदेश के चार जिलों में मानसून की बारिश ने तबाही मचा रखी है।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, श्योपुर के अजनोई जंगल में पिकनिक मनाने गए 6 दोस्तों पर बिजली गिर गई। इनमें से रामभारत आदिवासी, दिलीप आदिवासी और मुकेश आदिवासी की मौके पर ही मौत हो गई। इन सभी की उम्र 20 साल बताई जा रही है।
जबकि दयाराम आदिवासी, सतीश आदिवासी और सोमदेव आदिवासी गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें ग्वालियर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। इसके अलावा भिंड में एक अन्य घटना में सुकंद गांव में घर लौटते समय दो महिलाओं की मौत हो गई। इनकी पहचान रामकली (70) और ज्ञानोदेवी (40) के रूप में हुई है।
वहीं, छतरपुर में महराजगंज गांव में खेत में काम करने के दौरान एक मां और उसके बेटे की मौके पर ही मौत हो गई। जिले के अमरवां गांव में इसी तरह की परिस्थितियों में एक और महिला किसान राधा अहिरवार (50) की मौत हो गई।
अन्य घटनाओं में शिवपुरी के एक 35 वर्षीय व्यक्ति और ग्वालियर में 30 एवं 40 वर्ष के दो लोगों इसी कारण से मौत हो गई। इन घटनाओं के बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मध्य प्रदेश के आठ जिलों में बिजली गिरने और आंधी की चेतावनी जारी की है।
कर्नाटक में भारी बारिश का रेड अलर्ट
इस बीच, IMD द्वारा कर्नाटक के 4 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने गुरुवार को कहा कि किसी भी अप्रिय स्थिति को रोकने के लिए सभी आवश्यक सावधानी बरती गई है। एएनआई से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मौसम विभाग की तरफ से कोडागु, दक्षिण कन्नड़, उडुपी और उत्तर कन्नड़ में भारी बारिश की भविष्यवाणी की गई है।
सीएम ने बताया कि उडुपी जिले के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है। इससे पहले बुधवार को दक्षिण कन्नड़ जिले के बंतवाल के पंजीकल गांव में हुए भूस्खलन में तीन मजदूरों की मौत हो गई थी। फिलहाल, इस हादसे में घायल एक व्यक्ति का इलाज चल रहा है।
प्राकृतिक आपदा के कारण हुई मौतों पर शोक व्यक्त करते हुए सीएम ने कहा कि यह खबर सुनकर बहुत दुख हुआ कि भारी बारिश के कारण दक्षिण कन्नड़ जिले के बंटवाला तालुक के पंजीकल्लू गांव में नेल्यापालके के पास मुक्कुडा के पास भूस्खलन के कारण तीन मजदूरों की मौत हो गई। मृतक की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए मैंने स्थानीय प्रशासन को निर्देश दिया है कि आगे का काम व्यवस्थित तरीके से किया जाए।