BSP MLA Raju Pal Murder Case: लखनऊ की एक स्पेशल CBI कोर्ट ने प्रयागराज के बहुचर्चित बहुजन समाज पार्टी (BSP) के विधायक रहे राजू पाल (Raju Pal) की 2005 में हुई हत्या के मामले में शुक्रवार (29 मार्च) को सात लोगों को दोषी ठहराया। इस मामले में माफिया से नेता बना मृतक अतीक अहमद भी आरोपी था। अधिकारियों ने बताया कि अतीक अहमद, उसके भाई एवं मुख्य आरोपी खालिद अजीम उर्फ अशरफ और गुलबुल उर्फ रफीक के खिलाफ सुनवाई उनकी मृत्यु के बाद बंद कर दी गई थी। राजू पाल की पत्नी पूजा पाल ने कोर्ट के फैसले का स्वागत किया। लेकिन उन्होंने कहा कि इन अभियुक्तों को फांसी की सजा होनी चाहिए थी।
केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने 2016 में मामले की जांच अपने हाथ में ली थी। लखनऊ में विशेष सीबीआई जज ने मामले में रणजीत पाल, आबिद, फरहान अहमद, इसरार अहमद, जावेद, गुलहसन और अब्दुल कवि को आपराधिक साजिश और हत्या सहित अन्य गंभीर आरोपों में दोषी ठहराया। आरोपी फरहान अहमद को भारतीय शस्त्र अधिनियम के तहत भी दोषी ठहराया गया।
अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की पिछले साल 15 अप्रैल को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हमलावरों ने दोनों पर उस समय गोलीबारी की थी जब पुलिस दोनों को हिरासत के दौरान प्रयागराज में एक मेडिकल कॉलेज लाई थी। अतीक और अशरफ पर गोलीबारी की घटना मीडिया के कैमरों रिकार्ड हो गई थी। पुलिस अतीक और अशरफ को मेडिकल जांच के लिए अस्पताल ले जा रही थी। कम से कम दो व्यक्ति अतीक अहमद और अशरफ पर करीब से गोली चलाते देखे गए। अतीक और अशरफ इस दौरान जमीन पर गिर गए, जबकि पुलिस कर्मियों ने हमलावरों पर काबू पा लिया।
इससे पहले जुलाई 2023 में, प्रयागराज पुलिस की विशेष जांच टीम ने गैंगस्टर अतीक अहमद और उसके भाई की गोली मारकर हत्या करने वाले तीन हमलावरों के खिलाफ लगभग 2000 पन्नों की चार्जशीट दायर की थी। आरोपियों की पहचान लवलेश तिवारी, अरुण मौर्य और सनी सिंह के रूप में हुई। इन सभी की कथित तौर पर आपराधिक पृष्ठभूमि थी।
कौन थे BSP विधायक राजू पाल?
उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद (अब प्रयागराज) से बहुजन समाज पार्टी के नेता राजू पाल की अतीक अहमद के भाई अशरफ के साथ राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के परिणामस्वरूप 25 जनवरी 2005 को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। राजू पाल ने नवंबर 2004 में प्रयागराज पश्चिम सीट पर हुए उपचुनाव में अतीक के छोटे भाई मोहम्मद अशरफ को हराकर जीत हासिल की थी। BSP नेता राजू पाल 2002 में इस सीट पर अतीक अहमद से चुनाव हार गया था। लेकिन जब अतीक ने लोकसभा के लिए निर्वाचित होने के बाद यह सीट खाली की तो पाल ने उपचुनाव में अशरफ को हरा दिया। इसी के बाद उनकी हत्या हो गई।
राजू पाल की पत्नी पूजा पाल ने फोन पर पीटीआई को बताया, "मैं अदालत के निर्णय से संतुष्ट हूं लेकिन इन अभियुक्तों को फांसी की सजा होनी चाहिए थी क्योंकि एक विधायक की दिनदहाड़े हत्या की गई और शव नहीं दिया गया।" उन्होंने कहा कि विधायक के साथ ही दो अन्य लोगों की दिनदहाड़े हत्या की गई। पाल ने कहा, "यह अपराध इतना जघन्य है कि इसमें दोषियों को फांसी की सजा होनी चाहिए थी। इससे अपराध करने की प्रवृत्ति पर अंकुश लगेगा।"