उत्तर प्रदेश पुलिस का कारनामा, मथुरा में नशेड़ी चूहे डकार गए 581 किलो गांजा, कोर्ट ने कहा सबूत दें

उत्तर प्रदेश के मथुरा से एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है। शेरगढ़ और हाईवे थाना पुलिस ने कोर्ट में बताया कि मालखाने में रखा 581 किलो गांजा चूहे खा गए हैं। इस पर कोर्ट ने सबूत के साथ पेश होने के आदेश दिए हैं

अपडेटेड Nov 24, 2022 पर 3:15 PM
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साल 2018 में पुलिस ने 386 और 195 किलो गांजे के साथ आरोपियों को पकड़ा था।

उत्तर प्रदेश का मथुरा शहर कृष्ण नगरी के नाम से मशहूर है। लेकिन यहां की पुलिस रस्सी को सांप बनाने में माहिर है। पुलिस के ऐसे-ऐसे करनामे हैं, जिस पर कोर्ट भी हैरान है। मथुरा पुलिस ने कोर्ट में बताया कि मालखाने में रखा 581 किलो गांजा चूहे खा गए हैं। इस पर कोर्ट ने भी सबूत के साथ पेश होने के आदेश दिए हैं। ये मामला शेरगढ़ और हाईवे पुलिस थाने से जुड़ा हुआ है। गांजे की इतनी बड़ी खेप मथुरा पुलिस ने दो मामलों में साल 2018 में जब्त की थी। इसके बाद सबूत के तौर पर इस गांजे को मालखाने में रख दिया गया।

मथुरा पुलिस की इस रिपोर्ट को पढ़कर अच्छे-अच्छे लोगों के सिर चकरा गए। मथुरा के नशेड़ी चूहे सुर्खियों में आ गए औप पुलिस की यह रिपोर्ट देश भर में चर्चा का विषय बन गई है।

पुलिस ने जब्त किया था गांजा


मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शेरगढ़ और हाईवे थाना पुलिस ने साल 2018 में 386 और 195 किलो गांजा कुछ अपराधियों के साथ पकड़ा था। इसके बाद गांजे को मालखाने में जमा करा दिया गया। पुलिस ने सबूत के तौर पर गांजे का सैंपल भी कोर्ट में पेश किया था। इसके बाद एडीजे सप्तम संजय चौधरी ने पुलिस को आदेश दिया कि गांजे की पूरी खेप को कोर्ट में सील मुहर के साथ पेश की जाए। इसके बाद जो पुलिस का जवाब आया उससे जज साहब भी चौंक गए। पुलिस ने कोर्ट में रिपोर्ट लगाई कि सारा गांजा चूहे खा गए। लिहाजा उसे कोर्ट में नहीं पेश किया जा सकता।

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26 नवंबर तक पेश करें सबूत

मथुरा पुलिस ने कोर्ट में बताया कि चूहों से परेशान हैं। मालखाने में कोई भी ऐसी जगह नहीं बची है, जिसे चूहों से बचाया जा सके। पुलिस रिपोर्ट में बताया गया है कि चूहों के खाने के बाद जो कुछ गांजा बचा उसे नष्ट कर दिया गया। इस पर कोर्ट ने एसएसपी को थानों और मालखानों में चूहों से निपटने के लिए काम करने को कहा। साथ ही पुलिस टीम को 26 नवंबर तक इस मामले में सबूत के साथ रिपोर्ट देने के आदेश दिए हैं।

अधिकारी बोलने को तैयार नहीं

वहीं इस मामले में जब पुलिसी की फजीहत शुरू हो गई तो सभी बड़े अधिकारी चुप्पी साध लिए हैं। कोई भी अधिकारी इस पर बोलने के लिए तैयार नहीं हैं। अधिकारी इस मामले को कोर्ट में होने की बात कहकर पल्ला झाड़ रहे हैं।

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