सहारनपुर की इस घटना ने 22 साल पुराने मामले को फिर से सामने ला दिया, जिसमें पुलिस ने हिंदू नाबालिग लड़की को भगाने के आरोपी जुबैर को गिरफ्तार किया। जुबैर ने अपनी पहचान बदलकर देहरादून में "विजय पुंडीर" के नाम से जीवन बिताया और 10वीं और 12वीं की फर्जी मार्कशीट, आधार कार्ड, पैन कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस के जरिए LIC एजेंट के रूप में काम करने लगा। 2002 में लड़की के पिता ने गागलहेड़ी थाने में जुबैर पर अपहरण का मामला दर्ज कराया था। पुलिस ने कई वर्षों की खोजबीन के बाद जुबैर को गिरफ्तार कर मामले को अंजाम तक पहुंचाया।
