चुनावी बॉन्ड (electoral bonds) के चरण XXVII की बिक्री 4 अक्टूबर 2023 को शुरु होने जा रही है। इलेक्टोरल बॉन्ड की बिक्री 13 अक्टूबर तक खुली रहेगी। यह बॉन्ड स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की 29 ब्रांच से खरीदे जा सकते हैं। वित्त मंत्रालय की जारी किए नोटिफिकेशन में यह कहा गया है कि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) बिक्री के XXVIII चरण में, अपनी 29 अधिकृत शाखाओं के जरिए 04.10.2023 से 13.10.2023 तक चुनावी बॉन्ड जारी करने और भुनाने लिए अधिकृत किया गया है।
राजनीतिक फंडिंग में पारदर्शिता लाने की कोशिशों के चलते चुनावी बॉन्ड को राजनीतिक दलों को दिए जाने वाले नकद चंदे के ऑप्शन के तौर पर पेश किया गया था। इलेक्टोरल बॉन्ड्स 2017 में पेश किए गए थे। 1 फरवरी 2017 को अपने बजट भाषण में तत्कालीन वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा था कि आजादी के 70 साल बाद भी, देश राजनीतिक दलों को चंदा देने का एक पारदर्शी तरीका नहीं बना पाया है। यह स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावी सिस्टम के लिए काफी अहम है। राजनीतिक दलों को ज्यादातर पैसा गुमनाम चंदे के जरिए मिलता है। जिसे कि नकद में दिखाया जाता है। इसी वजह से भारत में फंडिंग के सिस्टम को सही करने की जरूरत है।
कौन खरीद सकता है चुनावी बॉन्ड
चुनावी बॉन्ड को भारत का कोई भी नागरिक या देश में स्थापित की गई कोई भी कंपनी खरीद सकती है। आप अकेले या किसी के साथ मिल कर भी इसे खरीद सकते हैं। इसे खरीदने के लिए आपको KYC पूरी करके बैंक अकाउंट से पेमेंट करना होगा। ये बॉन्ड जनवरी, अप्रैल, जुलाई और अक्टूबर के महीनों में 10 दिनों की अवधि के लिए उपलब्ध होते हैं। 4 अक्टूबर से 13 अक्टूबर के बीच इसे खरीदा जा सकता है।
किसे मिलता है चुनावी बॉन्ड
केवल जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 29 ए के तहत रजिस्टर्ड चुनावी दल जिन्होंने पिछले लोकसभा या राज्य चुनावों में मतदान का कम से कम एक प्रतिशत वोट हासिल किया हो उनको ही ये बॉन्ड दिए जा सकते हैं। आप स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की 29 शाखाओं के जरिए 1,000 रुपये, 10,000 रुपये, 1 लाख रुपये, 10 लाख रुपये और 1 करोड़ रुपये की कीमतों में इन बॉन्ड्स को खरीद पाएंगे। SBI की यह शाखाएं लखनऊ, शिमला, देहरादून कोलकाता, गुवाहाटी, चेन्नई, पटना, नई दिल्ली, चंडीगढ़, श्रीनगर, गांधीनगर, भोपाल, रायपुर और मुंबई में हैं। राजनीतिक दल 15 दिनों के अंदर ही इनको भुना सकते हैं।