ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, अल्फाबेट के एक सीनियर अधिकारी ने Google के सर्च ऐड बिजनेस की तुलना दवाओं की सेलिंग से की थी। इसके साथ ही उन्होंने इसे अब तक बनाए गए दुनिया के सबसे महान बिजनेस मॉडलों में से एक कहा था। उन्होंने कहा था कि कंपनी यूजर्स को अनदेखा करते हुए ऐड से रेवेन्यू पैदा करने पर फोकस कर रही है। उन्होंने इसकी तुलना सिगरेट या फिर ड्रग्स जैसे गैरकानूनी बिजनेस से भी की। Google की पैरेंट कंपनी अल्फाबेट में फाइनेंस के वाइस प्रेसिडेंट माइकल रोसजक ने जुलाई 2017 में गूगल की तरफ से आयोजित कराए गए ट्रेनिंग सेशन के दौरान नोट्स लिखे थे।
हाल ही पब्लिश किया ये नोट्स
इस नोट्स को हाल ही में अमेरिकी न्याय विभाग ने Google के खिलाफ एंटी-ट्रस्ट मामले में ऑनलाइन जारी किया था। जिसमें सरकार यह साबित करने की कोशिश कर रही है कि गूगल की कॉम्पटीशन की विरोधी रणनीति ने उसे सर्ज बिजनेस में टॉप पर रखने में हेल्प की थी। रोसजक ने लिखा कि सर्च बिजनेस दुनिया के अब तक बनाए गए के सबसे महान बिजनेस मॉडलों में से एक है। ऐसे अवैध व्यवसाय सिगरेट या ड्रग्स हैं जो इसके मुाकबला देते हैं। लेकिन हम किस्मत वाले हैं कि हमारे पास एक अद्भुत बिजनेस है। हम इकोनॉमी के मूलभूत नियम डिमांड और सप्लाई को अनदेखा कर सकते हैं। हम केवल एड देने वालों पर, ऐड के फॉर्मैट पर और सेलिंग की सप्लाई पर ही फोकस कर सकते हैं।
अल्फाबेट के सीनियर अधिकारी ने कहा कि Google ने हमारे प्रोडक्ट्स को हर जगह पहुंचाने के लिए स्मार्ट मार्केटिंग एलोकेशन में इनवेस्च किया। इस बीच, Google के वकीलों ने मामले में इस्तेमाल किए जा रहे दस्तावेज पर आपत्ति जताई है और कहा है कि यह कोई व्यावसायिक रिकॉर्ड नहीं है और कंपनी की राय को नहीं बताता है। इसके अलावा, Google के एक प्रवक्ता ने ब्लूमबर्ग को बताया कि दस्तावेज को एक पब्लिक स्पीच के लिए तैयार किया गया था। जहां पर मौजूद लोगों से जान बूढ कर ध्यान खींचने वाली बातें कहने के लिए बोला गया था।
कानूनी लड़ाई का पड़ा था गूगल पर असर
इस कानूनी लड़ाई का गूगल पर बड़ा असर पड़ रहा है। गूगल पर अपने से छोटे बिजनेस को खरीदने का या फिर उनको खत्म करने का आरोप भी लगता रहा है। लेकिन गूगल ने खुद को कई सारे आरोपों से बचा लिया है। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि गूगल अपने यूजर्स को कई सारी सर्विस फ्री में देती है।