जर्मनी के एक म्यूजियम से काफी हैरान कर देने वाली खबर आई है। CNN की एक न्यूज रिपोर्ट के मुताबिक जर्मनी के एक म्यूजियम में एक कर्मचारी ने एक आर्ट वर्क की कॉपी बनाई। इसके बाद उसने उसको बेचा फिर उससे जो पैसे मिले उससे उसने रॉल्स रॉयस जैसी महंगी ओर लग्जरी कार खरीद डाली। इसके अलावा उसने कई सारी महंगी घड़ियां भी खरीद लीं। अब उस कर्मचारी को दोषी पाया गया है और 21 महीने के लिए सस्पेंड कर दिया गया है।
चुराई थी यह नायाब पेंटिंग
रिपोर्ट में कहा गया है कि मई 2016 से अप्रैल 2018 तक म्यूनिख में ड्यूश म्यूजियम के 30 साल के कर्मचारी ने फ्रांज वॉन स्टक की बनाई गई "दास मार्चेन वोम फ्रोस्चकोनिग" (द टेल ऑफ द फ्रॉग प्रिंस) पेंटिंग चुरा ली थी। इसके बाद उसने इसकी कॉपी बना कर उससे असली पेंटिंग को बदल दिया और असली पेंटिंग को नीलामी के लिए रख दिया। अब कर्मचारी को सजा के तौर पर सस्पेंड करने के अलावा पेंटिंग चुराने के लिए 60,600 यूरो का जुर्माना भी लगाया गया। उन्होंने ऑक्शन हाउस से हाउस से झूठ बोलते हुए कहा था कि यह पेंटिंग उसके परदादा या नाना-नानी की है।
बाद में यह पेंटिंग 70,000 यूरो में बेची गई। जिसमें से नीलामी की फीस काटने के बाद आरोपी व्यक्ति को 50,000 यूरो मिले।उस आदमी ने पैसे का इस्तेमाल कार और घड़ियाँ खरीदने के लिए किया और अपने बकाया कर्ज भी चुका दिए। म्यूनिख जिला अदालत ने एक प्रेस रिलीज में में कहा, "आरोपी ने बताया है कि उसने बिना सोचे-समझे काम किया। वह आज अपने व्यवहार के बारे में और नहीं बता सकता।" अदलात ने कहा था कि आरोपी ने बेशर्मी से स्टोरेज में पहुंचने का फायदा उठाया और बेशकीमती पेंटिंग को बेच दिया। इसके अलावा आरोपी ने म्यूजियम से तीन और पेंटिंग्स को चुराया था और उनमें से दो पेंटिंग जो कि एडुआर्ड वॉन ग्रुट्जनर की बनाई गई डाई वेनप्रुफंग और ज्वेई माडचेन बीम होल्जसैमेलन इम गेबिर्ज को बेचने में कामयाब रहा। हालांकि वह तीसरी पेंटिंग को नहीं बेच सका।