Shark Tank India 2: पॉपुलर बिजनेस रियलिटी टीवी शो शार्क टैंक इंडिया के दूसरा सीजन भी सुर्खियों में है। नए-नए बिजनेसमैन अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। ऐसे ही दूसरे सीजन में मुंबई गीता पाटिल भी रातों रात स्टार बन गईं। पाटिल ने साल 2017 में सिर्फ 5000 रुपये से स्नैक्स का बिजनेस शुरू किया था। आज करोड़ों का टर्नओवर हो गया है। गीता पाटिल को लोग प्यार से पाटिल काकी के नाम से बुलाते हैं। पाटिल काकी और उनकी टीम उस समय हैरान रह गई। जब शार्क टैंक पर शो में आने के बाद उनकी वेबसाइट पर विजिट करने वालों की संख्या लाखों में पहुंच । आलम ये रहा कि भारी ट्रैफिक के कारण उनकी वेबसाइट ही क्रैश हो गई।
47 साल की गीता पाटिल होममेड स्नैक्स बिजनेस चलाती हैं। वह अपने बेटे विनीत और उसके दोस्त दर्शील के साथ मुंबई में यह काम काज कर रही हैं। पाटिल काकी हाल में ही शार्क टैंक इंडिया शो में पहुंची। उनके इस बिजनेस में कई जजों ने निवेश में दिलचस्पी दिखाई।
मिला 40 लाख रुपये का निवेश
इनमें शुगर कॉस्मेटिक्स की विनीता सिंह, लेंसकार्ट के पीयूष बंसल, shaadi.com के अनुपम मित्तल और बोट के अमन गुप्ता शामिल हैं। अमन गुप्ता (Aman Gupta) ने पाटिल काकी को 5 फीसदी इक्विटी के बदले 40 लाख रुपये के निवेश का ऑफर किया। इस ऑफर में बिजनेस की वैल्यूएशन 8 करोड़ रुपये बताई गई है। वहीं अनुपम मित्तल ने 4 फीसदी इक्विटी के बदले 40 लाख रुपये के निवेश का ऑफर किया। पीयूष बंसल ने भी 40 करोड़ रुपये निवेश का ऑफर किया। पाटिल काकी ने पीयूष और अनुपम मित्तल के ऑफर को स्वीकार कर लिया। होममेकर से करोड़पति बनीं गीता पाटिल का स्नैक्स बिजनेस करती है। उनकी कंपनी पाटिल काकी ब्रांड के नाम से स्नैक्स बेचती हैं। चकली, चिवड़ा, पूरनपोली, मोदक और कई तरह के लड्डू उनके स्नैक्स में शामिल है। वे अपने ऑथेन्टिक महाराष्ट्रियन डिशेज मुंबई और पुणे में बेचते हैं।
गीता पाटिल ने शार्क को उडकिचे मोदक भी खिलाया। सभी को चिवड़ा, चकली और लड्डू भी खाकर मजा आ गया। पीयूष बंसल तो मोदक को देखकर बोले ये ‘मोमो’ है क्या। सभी को टेस्ट बहुत पसंद आया।
विनीत और दर्शील ने कॉलेज की पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी है। उन्होंने एक छोटा आईटी सर्विस बिजनेस शुरू किया था। पाटिल काकी के कहने पर उन्होंने एक रात में ही उनकी वेबसाइट बना दी। जिस वजह से पाटिल काकी को मिलने वाले ऑर्डर की संख्या 15-20 ऑर्डर रोजाना से 100 आर्डर तक पहुंच गई।
कोरोनावायरस के दौरान गीता काकी ने अपना अपने बिजनेस का पैटर्न में बदलाव किया। अब वो ड्राई स्नैक्स बेचने लगी। पाटिल ने कहा कि हमने बीएमसी के ऑफिस में ब्रेकफास्ट सर्व करने से अपना कामकाज शुरू किया था। हमारे खाना पकाने के तरीके से प्रभावित होकर वहां के स्टाफ ने वार्ड ऑफिस से एक चिट्ठी बनवाई और हमें ऑफिस में खाना सर्व करने की मंजूरी दिलवा दी।