जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संघ (JNUSU) की पूर्व नेता शेहला राशिद शोरा (Shehla Rashid Shora) की मुश्किलें बढ़ गई हैं। दिल्ली के लेफ्टिनेंट गवर्नर विनय कुमार सक्सेना (Delhi LG Vinai Kumar Saxena) ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) की पूर्व छात्र नेता शेहला राशिद (Shehla Rashid) के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी दे दी है। LG कार्यालय के मुताबिक, भारतीय सेना (Indian Army) के खिलाफ ट्वीट करके नफरत फैलाने के आरोप में शेहला राशिद के खिलाफ कानूनी कार्यवाही शुरू की जाएगी।
न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना ने मंगलवार को भारतीय सेना को लेकर कथित विवादित ट्वीट करने के मामले में शेहला राशिद शोरा के खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति दे दी। बता दें कि राशीद लेफ्ट संगठन AISA की सदस्य रही हैं। वह JNU छात्रसंघ की उपाध्यक्ष भी रह चुकी हैं।
उपराज्यपाल कार्यालय के अधिकारियों के अनुसार, यह अनुमति शेहला राशिद के खिलाफ 2019 में दर्ज एक FIR से संबंधित है। राशिद पर सितंबर 2019 में दिल्ली में वकील अलख आलोक श्रीवास्तव की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया था।
श्रीवास्तव की शिकायत पर नई दिल्ली में भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 153 A के तहत शोरा के खिलाफ यह मामला दर्ज किया गया था। उन्होंने कहा कि JNUSU की पूर्व नेता पर अपने ट्वीट के माध्यम से विभिन्न समूहों के बीच वैमनस्य को बढ़ावा देने और सौहार्द बिगाड़ने वाले कार्यों में शामिल होने का आरोप है।
LG कार्यालय ने कहा कि अभियोजन स्वीकृति का प्रस्ताव दिल्ली पुलिस द्वारा पेश किया गया था। यह दिल्ली सरकार के गृह विभाग द्वारा समर्थित था। शोरा के 18 अगस्त, 2019 के ट्वीट में भारतीय सेना पर कश्मीर में घरों में घुसकर स्थानीय लोगों को ‘‘प्रताड़ित'' करने का आरोप लगाया गया था। हालांकि, सेना ने इन आरोपों को आधारहीन बताते हुए इन्हें खारिज कर दिया था।