IIM अहमदाबाद की स्नातक प्रत्युषा चल्ला ने एक वीडियो में अपने परिवार के साथ हुई परेशानियों को साझा किया है। उन्होंने बताया कि उनकी पूर्व भाभी ने उनके परिवार पर झूठे आरोप लगाकर उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। यह वीडियो सोशल मीडिया पर काफी तेजी से वायरल हो रहा है। इसे ट्विटर पर 28 लाख से ज्यादा बार देखा जा चुका है। इस खुलासे के बाद पुरुषों पर घरेलू हिंसा और कानून के गलत इस्तेमाल को लेकर बहस फिर से तेज हो गई है। हाल ही में बेंगलुरु के टेक्निकल एक्सपर्ट अतुल सुभाष की आत्महत्या ने भी इन मुद्दों को उजागर किया है।
प्रत्युषा ने बताया कि उनके भाई हैदराबाद के एक इंजीनियरिंग कॉलेज में असिस्टन्ट प्रफेसर हैं। उनकी 2019 में शादी हुई थी। लेकिन यह शादी सिर्फ 10 दिनों तक ही चली। उनकी भाभी ने उनके परिवार के साथ दुर्व्यवहार किया और आत्महत्या की धमकी दी। इसके बाद उन्होंने धारा 498A (महिला प्रताड़ना) के तहत केस दर्ज करा दिया। जिससे उनका परिवार पिछले पांच सालों से परेशान है।
परिवार की सेहत पर पड़ा असर
शादी टूटने के बाद महिला ने उनके परिवार के खिलाफ केस दर्ज कर दिया। प्रत्यूषा ने कहा कि FIR बिना किसी जांच के दर्ज हुई। पांच साल हो गए, लेकिन ट्रायल अब तक शुरू नहीं हुआ है इस कानूनी खींचतान ने प्रत्यूषा के माता-पिता की सेहत पर बुरा असर डाला है। उन्होंने बताया, "मेरे माता-पिता की तबीयत खराब हो चुकी है। ये सब हमारे लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं है।"
प्रत्युषा ने बताया कि इस केस की वजह से उनका करियर भी बर्बाद हो गया। उन्होंने कहा, "मैं IIM और IIT से पढ़ी हूं। गोल्डमैन सैक्स में वाइस प्रेसिडेंट रह चुकी हूं। लेकिन इस केस के कारण मेरी प्रोफेशनल लाइफ ठप हो गई है।"
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया
वीडियो वायरल होने के बाद लोगों ने सोशल मीडिया पर खुलकर प्रतिक्रिया दी। कई यूजर्स ने लिखा कि अरेंज मैरिज सिस्टम और कानून का गलत इस्तेमाल समाज के लिए खतरनाक है। एक यूजर ने लिखा, "अरेंज मैरिज मानसिक और भावनात्मक शोषण की वजह बन सकती है।"
प्रत्युषा का अनुभव उन लोगों के लिए एक सबक है, जो ऐसी मुश्किलों का सामना कर रहे हैं। यह मामला न केवल न्यायिक प्रणाली के सुधार की मांग करता है, बल्कि उन परिवारों को सहारा देने की जरूरत भी बताता है, जो ऐसे मामलों में फंसते हैं।