Success Story: हर साल UPSC सिविल सेवा परीक्षा के नतीजे आते हैं। इसके साथ ही सामने आते है संघर्ष, लगन और प्रतिभा के नए किस्से। हर साल इस परीक्षा को टॉप करने वाले लोग और उनकी कहानियां सिविल सेवा की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए प्रेरणा बन जाती हैं। कुछ ऐसी ही कहानी उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में रहने वाले गुदड़ी के लाल बजरंग प्रसाद की है। बजरंग ने देश की सर्वोच्च सिविल सर्विस परीक्षा 454वीं रैंक के साथ पास किया है। उन्हें IPS अधिकारी बनने का मौका मिला है।
बता दें कि बजरंग ने साल 2019 में UPSC परीक्षा की तैयारी शुरू की थी। साल 2020 में उनके पिता की हत्या हो गई। पिता की हत्या के बाद बजरंग के सिर पर UPSC की परीक्षा को पास करने का जुनून सवार हो गया था। उन्होंने अपने तीसरे ही प्रयास में इसे पास कर लिया।
बजरंग यादव के पिता राजेश यादव पेशे से किसान थे। वो गांव में खेती किसानी के साथ-साथ गरीब और असहाय लोगों की काफी मदद करते थे। इनके पिता का जुनून इस कदर था कि किसी भी गरीब का अगर कोई जमीन कब्जा कर लेता था तो उन दबंगों से बजरंग के पिता अकेले ही भिड़ जाते थे। उन्हें उनकी जमीन वापस दिला कर ही रहते थे। बजरंग के पिता का यह काम गांव के दबंगों को रास नहीं आया और 2020 में दबंगों ने साजिश करके इनके पिता की हत्या कर दी थी। जिसके बाद बजरंग का घर तबाह हो गया। घर में पिता के साथ घटना होने के बाद बजरंग ने पिता के हत्यारों को सजा दिलाने और गरीबों को न्याय दिलाने के लिए IAS अधिकारी बनने की ठान ली। IAS बनने की इस जुनून ने ही आज उन्होंने यूपीएससी क्रैक कर लिया।
इंटरव्यू में पूछा गया यह सवाल
बजरंग ने बताया कि उनका इंटरव्यू प्रीती सुदन के बोर्ड ने लिया था। यह करीब 25 से 30 मिनट तक चला। इसमें कई तरह के सवाल पूछे गए। उनमें सबसे अच्छा सवाल छुट्टा पशुओं को लेकर पूछा गया। बजरंग ने बताया कि उनसे पूछा गया था कि ‘यूपी में छुट्टा पशुओं की समस्या है, क्या कुछ किया जाए कि सरकार को पैसा भी न देना पड़े और समाधान भी हो जाए?
बजरंग ने सवाल का जवाब देते हुए कहा कि मैम मैं चाहता हूं कि शहर के जितने भी छुट्टा पशु हैं और जो शहर में लोग ऐसे ही घूम रहे हैं। एक गौशाला बनाकर दोनों को साथ में रख दिया जाए। इससे लोगों को फ्री में दूध-दही मिल जाएगा। गायों के पालन के लिए पशुपालक भी मिल जाएंगे। वह पैसा भी कमा लेंगे दूध-दही बेच कर। इसके बाद वे लोग गोबर गैस भी बना सकते हैं।
बजरंग प्रसाद यादव की प्राथमिक शिक्षा गांव से ही हुई। दसवीं की पढ़ाई उन्होंने लिटिल फ्लावर स्कूल कलवारी और इंटरमीडिएट की पढ़ाई उर्मिला एजुकेशनल एकेडमी बस्ती से पूरी की है। साल 2019 में B.Sc मैथ से इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से किया। इसके बाद UPSC की तैयारी करने दिल्ली आ गए। बजरंग प्रसाद यादव के इस सफलता के बाद लोगों में खुशी का माहौल है।