Tirupati Balaji Prasad Row: आंध्र प्रदेश के प्रसिद्ध तिरुपति मंदिर के प्रसाद में 'बीफ फैट' और 'फिश ऑयल' के इस्तेमाल का खुलासा होने के बाद सत्तारुढ़ TDP और विपक्षी पार्टी YSRCP के जुबानी जंग तेज हो गया है। विपक्ष का कहना है कि यदि सीएम चंद्रबाबू नायडू अपने आरोपों को साबित करने में असफल रहते हैं और सबूत पेश नहीं करते हैं तो वह सुप्रीम कोर्ट तक जाएंगे। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के इस दावे पर बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है कि पिछली सरकार के दौरान तिरुपति के लड्डुओं में 'बीफ फैट' का इस्तेमाल किया गया था।
वाईएसआरसीपी ने नायडू पर राजनीतिक लाभ के लिए घृणित आरोप लगाने का आरोप लगाया है। जबकि तेलुगु देशम पार्टी (TDP) ने इस दावे के समर्थन में एक लैब रिपोर्ट जारी की।
नायडू ने बुधवार को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) विधायक दल की बैठक के दौरान दावा किया कि पिछली वाईएस जगन मोहन रेड्डी के नेतृत्व वाली सरकार ने तिरुपति में श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर को भी नहीं बख्शा और लड्डू बनाने के लिए घटिया सामग्री और पशु चर्बी का इस्तेमाल किया।
TDP प्रवक्ता अनम वेंकट रमण रेड्डी ने दावा किया कि प्रसिद्ध श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर का प्रबंधन करने वाले तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) द्वारा उपलब्ध कराए गए घी के सैंपल में गुजरात स्थित पशुधन प्रयोगशाला द्वारा मिलावट की पुष्टि की गई है। उन्होंने कथित लैब रिपोर्ट दिखाई, जिसमें दिए गए घी के सैंपल में गोमांस की चर्बी, लार्ड (सूअर की चर्बी से संबंधित) और मछली के तेल की मौजूदगी का भी दावा किया गया है। सैंपल लेने की तारीख 9 जुलाई, 2024 थी और प्रयोगशाला रिपोर्ट 16 जुलाई की थी।
वाईएसआरसीपी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सदस्य वाई.वी. सुब्बा रेड्डी ने कहा कि नायडू के आरोपों से देवता की पवित्र प्रकृति को नुकसान पहुंचा है। भक्तों की भावनाओं को ठेस पहुंची है। चार सालों तक टीटीडी के अध्यक्ष रहे सुब्बा रेड्डी ने कहा कि यह कहना भी अकल्पनीय है कि भगवान को अर्पित किए जाने वाले प्रसाद और भक्तों को दिए जाने वाले लड्डुओं में पशु चर्बी का इस्तेमाल किया गया था। पशु चर्बी के इस्तेमाल का आरोप लगाना एक घिनौना प्रयास है।
उन्होंने पीटीआई से कहा, "मैं वेंकटेश्वर स्वामी में आस्था रखता हूं और आप (नायडू) भी उनके भक्त होने का दावा करते हैं, इसलिए आइए देवता के सामने शपथ लें। मैं देवता के सामने शपथ लेने के लिए तैयार हूं। मैं अपने परिवार के साथ आकर शपथ लूंगा।" उन्होंने आगे कहा कि यदि नायडू अपने आरोपों को साबित करने में असफल रहते हैं। सबूत पेश नहीं करते हैं तो वह कानूनी सहारा लेंगे और सर्वोच्च न्यायालय तक जाएंगे।
वाईएसआरसीपी के वरिष्ठ नेता और टीटीडी के पूर्व अध्यक्ष बी. करुणाकर रेड्डी ने आरोप लगाया कि नायडू ने राजनीतिक लाभ के लिए तिरुपति के लड्डुओं पर अपवित्र आरोप लगाए हैं। तिरुपति में विश्व प्रसिद्ध श्री वेंकटेश्वर मंदिर के आधिकारिक संरक्षक, तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) के दो बार अध्यक्ष रह चुके बी. करुणाकर रेड्डी ने आरोप लगाया कि नायडू ने विपक्षी पार्टी और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री वाई. एस. जगन मोहन रेड्डी को निशाना बनाने के उद्देश्य से ऐसा कहा है।
प्रदेश के सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री नारा लोकेश ने बुधवार को तिरुपति प्रसादम (लड्डू) में पशु चर्बी के कथित उपयोग पर आश्चर्य व्यक्त किया। राज्य कांग्रेस प्रमुख वाई.एस. शर्मिला ने नायडू के दावे की पुष्टि के लिए केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) जांच की मांग की। उन्होंने तिरुपति लड्डू की तैयारी को लेकर घृणित राजनीति करने के लिए मुख्यमंत्री और वाईएसआरसीपी पर हमला बोला।
आंध्र प्रदेश भारतीय जनता पार्टी ने X पर अपने आधिकारिक खाते से एक पोस्ट में कहा कि लड्डू मुद्दे पर मुख्यमंत्री नायडू की टिप्पणी से सभी हिंदुओं को पीड़ा हुई है। पार्टी ने राज्य सरकार से अपील की कि पिछली सरकार में हिंदुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले सभी मुद्दों की तुरंत जांच की जाए। केंद्रीय मंत्री बंदी संजय कुमार ने कहा कि लड्डू बनाने में पशु चर्बी का कथित उपयोग भगवान वेंकटेश्वर में आस्था रखने वाले हिंदुओं की आस्था और विश्वास के साथ गहरा विश्वासघात है।
पिछली सरकार ने तिरुमला को अपवित्र किया: चंद्रबाबू नायडू
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने आरोप लगाया कि वाईएसआरसीपी के नेतृत्व वाली पूर्ववर्ती सरकार ने तिरुमला स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर को अपवित्र किया। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि वाई एस जगन मोहन रेड्डी के नेतृत्व वाली पिछली सरकार के दौरान तिरुमला के श्रद्धालुओं को घटिया भोजन परोसा गया, जिससे न केवल इसकी पवित्रता को ठेस पहुंची, बल्कि श्रद्धालुओं की भावनाओं को भी ठेस पहुंची है।