Traffic Challan: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बार-बार ट्रैफिक नियमों तोड़नों वालों की अब खैर नहीं। कई बार चालान कटने के बावजूद यातायात नियम तोड़ने वालों की अब थाने में क्लास लगाई जायेगी, नहीं सुधरे तो कानूनी कार्रवाई तक की जायेगी। ट्रैफिक पुलिस ऐसे लोगों का ब्योरा जुटा चुकी है और जल्द ही सख्त कदम उठाए जाएंगे। ऐसे ही शहर में बाइक चालक एजाज अली का 86 बार चालान हो चुका है। कुल 1,72,000 रुपये जुर्माना हो चुका है। इसके बावजूद आरोपी ने अभी जुर्माना नहीं भरा है। लखनऊ पुलिस ने अब 484 लोगों की लिस्ट तैयार की है। जिनके ऊपर कम से कम 10 बार नियम तोड़ने का आरोप लगा है।
पुलिस का कहना है कि इनके जुर्माने का कोई मतलब नहीं है। इन लोगों ने अब तक जुर्माना नहीं भरा है। ऐसे में ट्रैफिक पुलिस ने ऐसे आरोपियो को पुलिस थाने में बुलाने का फैसला किया है। जहां इनकी काउंसलिंग करके नियमों के पालन करने का पाठ पढ़ाया जाएगा।
सबसे ज्यादा बाइक वालों ने तोड़े नियम
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, 484 लोगों में 86 महिलाएं हैं। जिनका 10 बार से ज्यादा चालान काटा गया है। एजाज अली का 86 बार चालान किया जा चुका है. उन पर 1,72,0000 रुपये जुर्माना बकाया है। महिलाओं में रीमा जायसवाल का 52 बार रॉग साइड गाड़ी चालाने का चालान किया गया है। ट्रैफिक विभाग का नियम है कि यातायात नियम तोड़ने पर अगर किसी का तीन बार से अधिक चालान किया जाता है तो उसका तीन महीने के लिए निलंबित कर दिया जाए। आंकड़ों की मानें तो जिन लोगों की पहचान की गई है। वो 10 बार से ज्यादा नियम तोड़ चुके हैं। ट्रैफिक नियम तोड़ने का तरीका भी एक ही है। लेकिन ट्रैफिक कर्मियों की सुस्ती के चलते ड्राइविंग लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई नहीं की गई है।
रॉन्ग साइड के लिए 279 लोगों के 10 से ज्यादा बार चालान किए जा चुके हैं। इसी तरह बिना हेलमेट के 101 लोगों के 10 बार से ज्यादा चालान काटे जा चुके हैं। ओवर स्पीड में भी 101 लोगों के 10 से ज्यादा बार चालान काटे जा चुके हैं।
बार बार नियम तोड़ने वालों की अब थाने में होगी काउंसलिंग
एडीसीपी ट्रैफिक लखनऊ अजय पटेल के मुताबिक, जिन 484 लोगों की लिस्ट तैयार को गई है, वो आदतन नियमों को तोड़ते वाले लग रहे है। ऐसे में पुलिस कमिश्नर एसबी शिरडकर के निर्देश पर इन सभी लोगों को उनके स्थानीय थानों पर बुलाया जाएगा। उन्हे यातायात नियमों का पाठ पढ़ाया जाएगा। ताकि आगे से इस तरह की गलती को न दोहराई जा सके।