दिल्ली वालों का दम फूले! इससे पहले 1 अक्टूबर से वाहन चालकों को यह सार्टिफिकटे जरूरी, वर्ना कटेगा मोटा चालान

Traffic Rule: दिल्ली 1 अक्टूबर से ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) लागू होने जा रहा है। इसके लागू होने के बाद दिल्ली-NCR में कई तरह की पाबंदियां लागू हो जाएंगी

अपडेटेड Sep 23, 2022 पर 9:50 AM
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दिल्ली में 1 अक्टूबर से सभी वाहनों के लिए PUC सार्टिफिकेट जरूरी है।

Traffic Rule: दिल्ली में प्रदूषण की रोकथाम के लिए 1 अक्टूबर से ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (ग्रैप – GRAP) लागू होने वाला है। इस दौरान वाहनों के धुएं से होने वाले प्रदूषण को रोकने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके लिए दिल्ली सरकार के ट्रांसपोर्ट विभाग ने भी कमर कस ली है। ऐसे में आपको अपने वाहन का प्रदूषण जांच कराना बेहद जरूरी हो जाएगा। अगर आपने जांच नहीं कराई या फिर आपके पास वैलिड PUC सार्टिफिकेट नहीं है तो भारी मुसीबत झेलनी पड़ सकती है।

इस मामले में ट्रांसपोर्ट विभाग के जॉइंट कमिश्नर (एनफोर्समेंट) नवलेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि जिन लोगों के पास वैलिड पीयूसी नहीं होगा। उनका 10,000 रुपये का चालान काटा जाएगा।

इतना ही नहीं अगर 10 साल पुरानी डीजल और 15 साल पुरानी पेट्रोल गाड़ियां अभी तक स्क्रैप नहीं कराई गई हैं। उन्हें कई तरह की कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। ट्रांसपोर्ट विभाग की टीमें ऐसी गाड़ियों को सड़कों पर चलने से तो रोकेंगी ही, साथ ही पब्लिक पार्किंग पर भी सरप्राइज चेकिंग की जाएगी। अगर किसी ने अपनी गाड़ी पार्किंग में खड़ी कर रखी है, तो वहां से भी गाड़ी उठाकर सीधे स्क्रैप करने के लिए भेज दी जाएगी। सिंह का कहना है कि एनफोर्समेंट टीमें पहले से ही अलर्ट पर हैं और कार्रवाई कर रही हैं। इसमें 1 अक्टूबर से और ज्यादा सख्ती बरती जाएगी।


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अब तक कितनी कार्रवाई हुई

सिंह ने बताया कि इस साल 1 जनवरी से 20 सितंबर तक एनफोर्समेंट की टीमों ने 15,523 वाहनों का चालान काटा है। वहीं इस दौरान 5,596 पुरानी गाड़ियों को जब्त करके स्क्रैप के लिए भेज दिया गया है। इसके अलावा बिना ढके कंस्ट्रक्शन का सामान ले जा रही 50 गाड़ियों को भी जब्त किया गया है।

जानिए कब लागू होता है GRAP

CAQM के मुताबिक, GRAP को चार कैटेगरी में लागू किया जाता है। हर कैटेगरी में अलग-अलग पाबंदियां होती है। अगर AQI का स्तर 201 से 300 के बीच है तो स्टेज-1 लागू होती है। 301 से 400 के बीच होने पर स्टेज-2 और 401 से 450 के बीच होने पर स्टेज-3 लागू होती है। जबकि, AQI का स्तर 450 के ऊपर होने पर स्टेज-4 लागू कर दी जाती है। स्टेज बढ़ने के साथ-साथ पाबंदियां और सख्त होती चली जाती हैं।

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