UPI and PayNow linkage : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और सिंगापुर के पीएम ली सियान लूंग मंगलवार को भारत के यूपीआई (UPI) और सिंगापुर के पेनाउ के बीच सीमापार संपर्क के लॉन्च और लिंकेज के दौरान मौजूदा रहेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय ने इस संबंध में एक बयान जारी किया है। आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास और मोनेट्री अथॉरिटी ऑफ सिंगापुर (MAS) के एमडी रवि मेनन 21 फरवरी की पूर्वाह्न 11 बजे एक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये इस लिंकेज की शुरुआत करेंगे। इससे पहले सितंबर 2021 में MAS और RBI ने सिंगापुर के PayNow और भारत के UPI रियल टाइम पेमेंट सिस्टम्स को लिंक करने के लिए एक समझौता किया था।
फंड ट्रांसफर की लागत में आएगी कमी
पेनाउ-यूपीआई लिंकेज (PayNow-UPI linkage) से यूजर्स से यूजर्स के लिए सिंगापुर और भारत के बीच एक अकाउंट से दूसरे अकाउंट में सीधे लो कॉस्ट फंड ट्रांसफर करना संभव होगा। सिंगापुर से जारी बयान के मुताबिक, इसके लागू होने के बाद, मोबाइल फोन नंबरों के इस्तेमाल से भारत से सिंगापुर को और यूपीआई वर्चुअल पेमेंट एड्रेस (वीपीए) के इस्तेमाल से सिंगापुर से भारत को फंड ट्रांसफर किया जा सकेगा।
10 फीसदी तक घट सकती है लागत
कोलकाता में फाइनेंशियल इनक्लूजन पर जी20 की पहली वर्किंग ग्रुप की बैठक से इतर एमएएस के चीफ फिनटेक ऑफिसर सोपनेंदु मोहंती ने कहा कि इस प्रोजेक्ट के लागू होने से पैसा भेजने की लागत लगभग 10 फीसदी तक घट जाएगी। मोहंती ने कहा, “सिंगापुर और भारत के बीच पैसा भेजने की लागत और कमियों को कम करके, PayNow-UPI लिंकेज से सिंगापुर और भारत में उन लोगों और व्यवसायों को सीधे लाभ होगा जो भुगतान के इस तरीके पर बहुत अधिक निर्भर हैं। इससे दोनों देशों के बीच व्यापक डिजिटल कनेक्टिविटी और इंटरऑपरेबिलिटी स्थापित करने में मदद मिलेगी।”
प्रवासी कामगारों, छात्रों को मिलेगा लाभ
पीएमओ से जारी बयान में कहा गया कि प्रधानमंत्री मोदी का पूरा जोर यह सुनिश्चित करने पर रहा है कि यूपीआई का लाभ केवल भारत तक ही सीमित न रहे, बल्कि अन्य देशों को भी इससे लाभ मिले। यह सिंगापुर में भारतीय प्रवासियों, विशेष रूप से प्रवासी श्रमिकों और छात्रों को सिंगापुर से भारत में धन के तात्कालिक और कम लागत वाले हस्तांतरण के माध्यम से मदद करेगा।