Uric Acid: आज के समय में यूरिक एसिड की समस्या से लाखों लोग जूझ रहे हैं। ऐसे में यह जानना बेहद जरूरी हो गया है कि आखिर यूरिक एसिड क्या होता है? बता दें कि शरीर में अगर इसकी मात्रा ज्यादा बढ़ जाए तो ये गठिया जैसी बीमारी की वजह भी बन सकता है। इससे हाथ-पैर के अंगूठे के जॉइंट में तेज दर्द होता है। कई मामलों में इससे किडनी फैलियर भी हो सकता है। लिहाजा अगर आपको भी यूरिक एसिड की समस्या है तो आपको इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। यूरिक एसिड हमारे खून में पाया जाने वाला एक वेस्ट मटेरियल होता है।
यूरिक एसिड के जमा होने से जोड़ों में दर्द होता है। इससे हिलना-डुलना भी मुश्किल हो जाता है। यूरिक एसिड की समस्या को समय पर नियंत्रण में लाना जरूरी है। क्योंकि बढ़ती उम्र के साथ हड्डियों और जोड़ों से जुड़ी यह समस्या और भी ज्यादा परेशान करने वाली हो सकती है। आप अपने खानपान में कुछ बदलाव करके इस पर काबू पा सकते हैं।
फाइबर वाले फूड्स होंगे फायदेमंद
यूरिक एसिड को खत्म करने के लिए कई चीजों का सेवन किया जा सकता है। इसके लिए आप फाइबर वाले फूड्स को भी अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं। खाने में चने, दाल, अखरोट, ब्राउन राइस, पालक, ब्रोकली, सेब जैसी चीजों का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके अलावा आप विटामिन सी वाले फल जैसे संतरा, कीवी, स्ट्रॉबेरी के अलावा टमाटर का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। टमाटर के सेवन से यूरिक एसिड के लेवल को रेगुलेट किया जा सकता है। इसे रोजाना खाने से अर्थराइटिस जैसी बीमारी का रिस्क भी कम किया जा सकता है। इतना ही नहीं नींबू के जरिए यूरिक एसिड को कंट्रोल किया जा सकता है। नींबू के रस में यूरिक एसिड डिजॉल्व होकर शरीर से बाहर निकल जाता है।
यूरिक एसिड कम करने के लिए तले-भुने और चिकनाई युक्त भोजन से दूर रहें। घी और मक्खन से भी दूरी बनाएं। राजमा, छोले, अरबी, चावल, मैदा रेड मीट जैसी चीजें ना खाएं। दही खाने से हड्डियां मजबूत होती हैं। लेकिन, इसमें प्रोटीन अधिक होता है। इससे यूरिक एसिड की मात्रा बढ़ जाती है। ये ट्रांस फैट शरीर के लिए हानिकारक होते हैं। मांस और मछली में प्यूरीन अधिक होता है। इससे जोड़ों में दर्द होता है। गठिया की दर बढ़ जाती है। इसलिए सर्दियों में मांस और मछली खाने से बचें।