अब आप जल्द ही अपने इलाके के कैफे में खाने के साथ बीयर या वाइन का आनंद ले सकेंगे। राज्य की नई आबकारी नीति (2025-26) के तहत नोएडा, गाजियाबाद, आगरा और लखनऊ में ऐसे बार खोलने की अनुमति दी गई है, जहां सिर्फ बीयर और वाइन परोसी जाएगी। इस नए नियम से रेस्तरांओं का खर्च कम होगा, क्योंकि पहले रेस्टोरेंट्स को शराब परोसने के लिए पूरा बार लाइसेंस लेना पड़ता था। अब कम खर्च में रेस्टोरेंट्स बीयर और वाइन परोस सकेंगे।
यूपी के चार शहरों में होगी शुरुआत
बता दें कि राज्य की नई आबकारी नीति के तहत यूपी के चार शहरों में रेस्तरां मालिक सिर्फ 4 लाख रुपये में लाइसेंस ले सकते हैं, जबकि सामान्य बार या पब को 10 से 15 लाख रुपये चुकाने पड़ते हैं। जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार ने बताया कि, नई नीति सभी तरह के रेस्तरां, कैफे और फाइन डाइनिंग के लिए लागू होगी। हालांकि इसे लागू करने के नियम 1 अप्रैल के बाद ही तय किए जाएंगे। इस लाइसेंस की वैधता एक साल होगी, जैसे अन्य लाइसेंसों की होती है।
खाद्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, जी.बी. नगर में 1,040 और गाजियाबाद में 435 रेस्तरां हैं।विशेषज्ञों का मानना है कि इस नीति से रेस्तरां मालिकों पर आर्थिक और कानूनी बोझ कम होगा, जिससे वे बिना महंगे शराब लाइसेंस के बीयर और वाइन परोस सकेंगे।
रेस्टोरेंट को होगा इससे फायदा
वहीं इस बारे में ज्यादा जानकारी देते हुए नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एनआरएआई) के नोएडा चैप्टर के अध्यक्ष वरुण खेड़ा ने कहा कि, यह फैसला नोएडा और गाजियाबाद के रेस्टोरेंट व्यवसाय के लिए फायदेमंद होगा। कई रेस्टोरेंट महंगे बार लाइसेंस और सख्त नियमों के कारण शराब परोसने से बचते थे। अब केवल बीयर और वाइन के लिए अलग लाइसेंस मिलने से रेस्टोरेंट किफायती और नियंत्रित तरीके से शराब सर्व कर सकेंगे। इससे ग्राहकों के लिए बेहतर डाइनिंग एक्सपीरियंस मिलेगा और रेस्तरां कारोबार को बढ़ावा मिलेगा।
कस्टमर को मिलेगा बेहतर डाइनिंग एक्सपीरियंस
टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक, जो रेस्तरां मालिक सिर्फ बीयर और वाइन सर्व करना चाहते थे लेकिन महंगे बार लाइसेंस के कारण ऐसा नहीं कर पा रहे थे, वे अब नए लाइसेंस के लागू होते ही आवेदन करने को तैयार हैं। उनका कहना है कि इससे वे अपने ग्राहकों को बेहतर डाइनिंग एक्सपीरियंस दे सकेंगे बिना ज्यादा खर्च किए। नोएडा में अल्मा बेकरी और कैफे चलाने वाले गौरव ने कहा कि नई नीति उनके लिए बड़ी राहत है। पहले उन्हें प्राइवेट पार्टियों में शराब परोसने के लिए महंगे और झंझट वाले लाइसेंस लेने पड़ते थे। लेकिन अब, जैसे ही नई व्यवस्था लागू होगी वे इसके लिए आवेदन करेंगे।