Uttarkashi Tunnel Collapse News Updates: उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में निर्माणहीन सिलक्यारा सुरंग के एक हिस्से के ढहने से उसमें फंसे 41 मजदूरों को बाहर निकालने की मशक्कत फिलहाल जारी है। इस बीच, पिछले 9 दिनों से सिलक्यारा सुरंग में फंसे सभी 41 मजदूरों का पहला वीडियो मंगलवार सुबह सामने आया। वर्टिकल ड्रिलिंग मशीन सुरंग तक पहुंच गई है। सुरंग के अंदर पाइपलाइन बिछाने का काम शुरू हो चुका है। 10 दिन से जारी बचाव अभियान में सोमवार को एक बड़ी सफलता मिली। अधिकारी फंसे हुए श्रमिकों तक बड़ी मात्रा में ठोस भोजन और पानी भेजने के लिए 57 मीटर लंबा एवं 6 इंच चौड़ा पाइप डालने में कामयाब रहे। इस पाइप के जरिए उन्हें उचित भोजन भेजने की व्यवस्था हुई।
बचाव प्रयासों का जायजा लेने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से बात की। धामी ने पीएम को पूरी स्थिति की जानकारी दी हैहै। श्रमिकों तक पाइपलाइन के जरिए खिचड़ी भेजने के कुछ घंटों बाद बचावकर्मियों ने मंगलवार तड़के उन तक एक कैमरा (एंडोस्कोपिक फ्लैक्सी कैमरा) भेजा और उनके सकुशल होने का पहला वीडियो जारी किया। आधिकारिक सूत्रों द्वारा उपलब्ध इस वीडियो में श्रमिक सुरंग में एक साथ खड़े और एक-दूसरे से बात करते दिखाई दे रहे हैं।
पहली बार भेजा गया गर्म खाना
इस बीच, मलबे को आर-पार भेदकर डाली गई पाइपलाइन के जरिए सोमवार रात को श्रमिकों तक खिचड़ी भेजी गई। खिचड़ी को चौड़े मुंह वाली प्लास्टिक की बोतलों में पैक कर श्रमिकों तक पहुंचाया गया। सुरंग में चलाए जा रहे बचाव अभियान के प्रभारी कर्नल दीपक पाटिल ने बताया कि इस पाइपलाइन से दलिया, खिचड़ी, कटे हुए सेब और केले भेजे जा सकते हैं। बचाव अभियान में जुटे सुरक्षा कर्मचारी निपू कुमार ने कहा कि संचार स्थापित करने के लिए पाइप लाइन में एक वॉकी-टॉकी और दो चार्जर भी भेजे गए हैं।
सूत्रों ने बताया कि सिलक्यारा सुरंग की ओर से अमेरिकन ऑगर मशीन से 'निकलने का रास्ता' बनाने का कार्य फिर शुरू होने वाला है। दिल्ली से आई टीम ने शुक्रवार दोपहर किसी कठोर सतह से टकराने के बाद रुकी इस मशीन के कलपुर्जे बदल दिए हैं।
बचाव कार्य पर NDRF के सदस्य लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन ने बताया, "इस समय NDRF, ITBP, सेना के इंजीनियर, SDRF, फायर सर्विस और आपातकालीन सेवाएं, BRO और भारत सरकार की अन्य तकनीकी एजेंसियां वहां काम कर रही हैं। वहां 10 दिन में अलग अलग चुनौतियां सामने आई हैं। 3-4 इंटरनेशनल एक्सपर्ट भी साइट पर आए हैं...वहां पर्याप्त जगह है अंदर जहां मजदूर फंसे हुए हैं। वहां राशन, दवा और अन्य जरूरी चीजें कंप्रेसर के जरिए उस जगह पहुंचाई जा रही हैं जहां मजदूर फंसे हैं।"
टीवी चैनलों को सरकार की सख्त सलाह
केंद्र सरकार ने मंगलवार को निजी टेलीविजन चैनलों को एक एडवाइजरी जारी कर कहा कि उन्हें उत्तराखंड के सिल्कयारा सुरंग में फंसे 41 श्रमिकों के बचाव अभियान से जुड़ी खबरों को सनसनीखेज बनाने से बचना चाहिए। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा जारी एडवाइजरी में निजी समाचार चैनलों से कहा गया है कि वे अपनी खबरों के प्रसारण के दौरान संवेदनशील रहें, खासकर बचाव कार्यों से जुड़ी खबरों की हेडलाइन और वीडियो में...। एडवाइजरी में कहा गया है कि सुरंग में फंसे हुए श्रमिकों के परिवारों के सदस्यों की मनोवैज्ञानिक स्थिति पर इन खबरों का प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
एडवाइजरी में कहा गया है कि बचाव अभियान से जुड़े वीडियो फुटेज और अन्य तस्वीरों के प्रसारण से मौजूदा अभियान पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। एडवाइजरी में टीवी चैनलों से कहा गया है कि वे इस मुद्दे को सनसनीखेज बनाने और सुरंग के आसपास चल रहे बचाव अभियान का सीधा प्रसारण करने से परहेज करें। इसमें समाचार चैनलों से यह भी सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि कैमरामैन, रिपोटर्स या विभिन्न उपकरणों की उपस्थिति से बचाव अभियान किसी भी तरह से बाधित नहीं हो।