Weather Updates: जुलाई महीने में झमाझम बारिश, देश के एक चौथाई हिस्से में बारिश की कमी

Monsoon Updates: देश के कई इलाकों में इन दिनों झमाझम बारिश हो रही है। इस बीच मौसम विभाग का कहना है कि इस साल जुलाई महीने में सामान्य से 9 फीसदी से अधिक बारिश हुई है। वहीं भारत का 25 फीसदी ऐसा हिस्सा, जहां बारिश बेहद कम हुई है। इनमें पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, गांगेय पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर के कुछ हिस्से शामिल हैं

अपडेटेड Aug 01, 2024 पर 2:26 PM
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Monsoon Updates: जून महीने में मानसून बेहद कमजोर रहा है। लेकिन जुलाई महीने में इसने रफ्तार पकड़ी है।

इस बार अब तक की मानसूनी बारिश कुछ असमान ही रही है। कुछ राज्यों में बहुत कम बारिश हुई है, जबकि कुछ राज्यों में बहुत ज्यादा बारिश हुई है। इस बीच मौसम विभाग (India Meteorological Department - IMD) ने बताया कि जुलाई महीने में सामान्य से 9 फीसदी ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। जुलाई में इस औसत से ज्यादा बारिश से जून का सूखा भी भर गया है। जबकि देश मध्य क्षेत्र में सामान्य से 33 फीसदी अधिक बारिश हुई है। मानसून के पहले 2 महीने में कुल बारिश भी सामान्य से 1.8 फीसदी ज्यादा रही है। जून महीने में मानसून की एंट्री हुई थी। हालांकि जून के मध्य में मानसून की रफ्तार थम गई थी।

जुलाई के साथ ही बारिश ने रफ्तार पकड़ी और समय से पहले मानसून ने पूरे देश को कवर कर लिया। मानसून सीजन का आधा समय गुजर चुका है। भारत का 25 फीसदी ऐसा हिस्सा, जहां बारिश बेहद कम हुई है। इनमें पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, गांगेय पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर के कुछ हिस्से शामिल हैं। इसके अलावा, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में बारिश की कमी 35 से 45 फीसदी तक दर्ज की गई।

किन राज्यों में कितनी हुई बारिश?


पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में 30 जून तक 13.3 फीसदी बारिश की कमी दर्ज की गई है, जो 31 जुलाई तक बढ़कर 19 फीसदी हो गई। इस क्षेत्र में अब तक मानसून के मौसम में सामान्य 752.5 मिमी के मुकाबले 610.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। वहीं उत्तर पश्चिम भारत में जुलाई महीने में 182.4 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि सामान्य बारिश 209.7 मिमी होती है। कहने का मतलब ये हुआ कि यहां भी 13 फीसदी कम बारिश हुई। इस मानसून सीजन में इस क्षेत्र में अब तक सामान्य 287.8 मिमी के मुकाबले 235 मिमी बारिश हुई है। नतीजन यहां भी 18 फीसदी कम बारिश हुई।

मध्य भारत में कितनी हुई बारिश?

वहीं जुलाई महीने में मध्य भारत में सामान्य से 33 फीसदी अधिक बारिश हुई। इस क्षेत्र में 321.3 मिमी सामान्य बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन इसके मुकाबले 427.2 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। कुल मिलाकर, इस क्षेत्र में इस मानसून सीजन में अब तक 574.2 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जबकि सामान्य बारिश 491.6 मिमी है। IMD प्रमुख मृत्युंजय महापात्र (Mrutyunjay Mohapatra) ने कहा कि मध्य भारत खेती के लिए मानसून पर निर्भर रहता है। लगातार तीसरे मानसून यहां अच्छी बारिश होने से कृषि को फायदा होगा।

दक्षिण भारत में झमाझम बारिश

दक्षिणी प्रायद्वीप में जुलाई में सामान्य 204.5 मिमी के मुकाबले 279.2 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है। यह सामान्य के मुकाबले 36 फीसदी अधिक है। कुल मिलाकर, इस मानसून सीजन में अब तक 463.1 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य 365.5 मिमी के मुकाबले 27 फीसदी ज्यादा है।

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