इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर कृष्णा कॉन्शियसनेस (ISKCON) ने बताया है कि उन्होंने अपने एक संत अमोघ लीला दास (Amogh Lila Das) पर एक महीने के लिए बैन लगा दिया है। अमोघ लीला दास ने स्वामी विवेकानंद (Swami Vivekananda) और रामकृष्ण परमहंस (Ramakrishna Paramahansa) पर विवादास्पद बयान दिया था, जिसे लेकर हो गया है। पिछले कुछ दिनों से दास के विवादित बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा था। वीडियो वायरल होने के बाद इस्कॉन को एक बयान जारी करना पड़ा और संत पर एक महीने का बैन लगाना पड़ा।
कौन हैं अमोघ लीला दास? (Who is Amogh Lila Das)
43 वर्षीय अमोघ लीला दास का जन्म उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आशीष अरोड़ा (Ashish Arora) के रूप में हुआ था। वह एक प्रसिद्ध आध्यात्मिक कार्यकर्ता, लाइफस्टाइल कोच और प्रेरक वक्ता हैं, जो 12 सालों से इस्कॉन से जुड़े हुए हैं। ट्विटर प्रोफाइल के अनुसार, वह एक यूथ काउंसलर और कॉर्पोरेट एडवाइजर हैं।
साथ ही वह द्वारका में इस्कॉन मंदिर के उपाध्यक्ष (Vice President of ISKCON temple in Dwarka) भी हैं। पेशे से एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर अमोघ लीला दास ने अमेरिका स्थित एक मल्टीनेशनल कॉरपोरेशन में काम करने के बाद 29 साल की उम्र में आध्यात्मिकता की ओर रुख किया।
उन्होंने दुनियादारी छोड़ ब्रह्मचर्य जीवन शैली अपनाने का निर्णय लिया। फिर वह इस्कॉन में शामिल हो गए और कृष्ण ब्रह्मचारी बन गए। वह फिलहाल नई दिल्ली में रहते हैं। दास इस्कॉन और सोशल मीडिया पर एक प्रसिद्ध व्यक्तित्व हैं। सॉफ्टवेयर इंजीनियर से संत बने अमोघ दास लीला को सोशल मीडिया पर कई लोग फॉलो करते हैं।
क्या है विवाद? (What is the controversy?)
इस्कॉन मंदिर सोसाइटी से जुड़े संत अमोघ लीला दास की स्वामी विवेकानंद और गुरु रामकृष्ण परमहंस पर अपमानजनक टिप्पणी सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई है। न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, अमोघ लीला दास नामक संत ने मछली के सेवन के लिए स्वामी विवेकानंद की आलोचना करते हुए कहा था कि एक सदाचारी व्यक्ति कभी भी किसी प्राणी को हानि नहीं पहुंचा सकता।
दास ने रामकृष्ण की शिक्षा 'जतो मत ततो पथ' (जितनी राय, उतने रास्ते) पर भी व्यंग्यात्मक टिप्पणी करते हुए कहा था कि हर रास्ता एक ही मंजिल तक नहीं जाता। दास की टिप्पणी का एक वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद विवाद खड़ा हो गया।
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राज्य महासचिव कुणाल घोष ने क्लिप शेयर करते हुए ट्वीट किया, "हम इस्कॉन का सम्मान करते हैं। लेकिन उसे अब उन्हें रोकना चाहिए। रामकृष्ण और विवेकानंद का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस तथाकथित साधु के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जानी चाहिए।"
बढ़ते विवाद के बाद इस्कॉन ने एक बयान में कहा है कि दास के विचार उसके मूल्यों एवं शिक्षाओं का प्रतिनिधित्व नहीं करते। न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक बयान में कहा गया है, "हम धार्मिक मान्यताओं एवं प्रथाओं के प्रति किसी भी प्रकार के अनादर और असहिष्णुता की निंदा करते हैं। अपमानजनक टिप्पणियां आध्यात्मिक पथों और व्यक्तिगत विकल्पों की विविधता को लेकर दास में जागरूकता की कमी को दर्शाती हैं।"
बयान के अनुसार, "संत की इस गंभीर गलती को ध्यान में रखते हुए, इस्कॉन ने उन पर एक महीने के लिए प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है। हमने उन्हें अपना निर्णय बता दिया है। अमोघ लीला दास ने अपनी टिप्पणियों के लिए माफी मांगी है। उन्हें एहसास हो रहा है कि उन्होंने कितनी बड़ी गलती की है।" बयान के अनुसार, "उन्होंने एक महीने तक गोवर्धन पर्वत पर जाकर प्रायश्चित करने का निर्णय लिया है। वह तत्काल प्रभाव से खुद को पूरी तरह अलग कर लेंगे।"