World Blood Donor Day 2023: दुनिया भर में हर साल 14 जून को विश्व रक्तदाता दिवस यानी वर्ल्ड ब्लड डोनर डे (World Blood Donor Day) मनाया जाता है। इस दिवस को मनाने का उद्देश्य उन सभी ब्लड डोनेट करने वालों का शुक्रिया अदा करना है, जो अपना खून देकर मानवता की रक्षा कर रहे हैं। रक्तादात दिवस मनाने की शुरुआत विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization- WHO) ने साल 2004 में इसकी शुरुआत की थी। तब से हर साल 14 जून को रक्तदान दिवस मनाया जाने लगा। इस दिन लोगों को ब्लड डोनेशन को लेकर जागरूक किया जाता है।
हर साल एक ग्लोबल थीम तय की जाती है। इसी तरह इस साल की भी थीम तय की गई है। इस साल की थीम "रक्त दें, प्लाज्मा दें, जीवन साझा करें और बार-बार करें" (Give blood, give plasma, share life, share often) है। कोई भी 18-65 साल का स्वस्थ व्यक्ति रक्तदान कर सकता हैं। आप हर तीन महीने में रक्तदान कर सकते हैं।
रक्तदान सेहत के लिए बेहतर
रक्तदान करने से स्ट्रेस लेवल कम होता है। इमोशनली बेहतर महसूस होता है। यही नहीं, आप खुद को नकारात्मक भावनाओं से दूर रख पाते हैं। रक्तदान करने से हार्ट अटैक और हार्ट स्ट्रोक का खतरा कम हो जाता है। यह लोअर ब्लड प्रेशर के खतरे को भी कम करता है। अगर आपका ब्लड प्रेशर बहुत अधिक हाई रहता है या वेस्कुलर सिस्टम में ब्लड क्लॉट की समस्या रहती है तो इससे हार्ट स्ट्रोक या हार्ट अटैक का खतरा काफी बढ़ जाता है। जबकि ब्लड डोनेट करने से ये खतरा कम हो जाता है। इतना ही नहीं रक्तदान करने से ब्लड का हीमोग्लोबिन लेवल भी अच्छा रहता है। आपका ब्लड हेल्दी रहता है। इससे शरीर में आयरन का प्रोडक्शन भी अच्छा बना रहता है।
एक साल में कितनी बार रक्तदान कर सकते हैं?
आमतौर पर, व्यक्ति साल में 3 से 4 बार रक्तदान कर सकता है। हालांकि, रक्तदान की सीमा क्षेत्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर अलग-अलग हो सकती है। यह आपकी सेहत, उम्र, वजन और आपके रक्त की मात्रा पर भी निर्भर कर सकती है। इसलिए, बेहतर होगा कि आप अपने स्थानीय रक्तदान संगठन से संपर्क करें। उनकी दिशानिर्देशों और नियमों को जानें। ताकि आप अपने रक्तदान की सीमा के बारे में सटीक जानकारी हासिल कर सकें।
अगर आप रक्त दान करना चाहते हैं तो हीमोग्लोबिन का लेवल 12.5 ग्राम से कम नहीं होना चाहिए। इसके साथ ही ब्लड देने वाले का वजन 45 किलोग्राम से कम नहीं होना चाहिए।
शरीर के लिए खून है बहुत जरूरी
शरीर के बेहतर कामकाज के लिए खून जरूरी हैं। खून में रेड ब्लड सेल्स, प्लेटलेट्स और प्लाज्मा जैसे कई घटक होते हैं। सभी का अलग-अलग काम होता है। खून की कमी को एनीमिया कहते हैं। इसमें आपको थकान, कमजोरी, सांस कम आना, त्वचा में पीलापन, सीने में दर्द चक्कर आना और हाथ-पैरों का ठंडा होना जैसे लक्षण महसूस हो सकते हैं। शरीर में खून की कमी दूर करने के लिए आपको अपनी डाइट में आयरन से भरपूर खाद्य पदार्थों को शामिल कर सकते हैं। अगर आप खून की कमी से जूझ रहे हैं तो खाने-पीने पर खास तौर से ध्यान देने की जरूरत है।