भिखारी शब्द अक्सर भारत में गरीबी सो जोड़ा जाता है। भिखारी शब्द से ही दिमाग में फटे, पुराने गंदे कपड़े पहने भीख मांगने वाले व्यक्ति की छवि ही सामने आती है। हमेशा यही लगता है कि जो भीख मांग रहा है, उसके पास कुछ भी नहीं है। हालांकि, आपको यह जानकार हैरानी होगी कि भीख मांगने का काम फायदे वाला प्रोफेशन भी बन गया है। कुछ तो भीख मांगकर करोड़पति बन गए हैं, ये जानकर आप दंग रह जाएंगे। ऐसे ही एक करोड़पति भिखारी हैं मुंबई के भरत जैन। मीडिया रिपोर्ट्स में भरत जैन को दुनिया का सबसे अमीर भिखारी बताया जा रहा है।
मुंबई और पुणे में उनके पास करोड़ों रुपये के घर और दुकानें हैं। वह 1.25 करोड़ रुपये के घर में रहते हैं और अपने बच्चों को कॉन्वेंट स्कूल में पढ़ाते हैं। पैसा, बंगला और सारी सुख-सुविधाएं होने के बावजूद भरत आज भी भीख मांगता है। परिवार वालों के मना करने के बावजूद उन्होंने यह काम नहीं छोड़ा है।
दुनिया के सबसे अमीर भिखारी भरत जैन शादीशुदा हैं और अपनी पत्नी, दो बेटों, एक भाई और अपने पिता के साथ रहते हैं। रिपोर्ट्स की मानें तो भरत भीख मांगकर हर महीने करीब 75,000 रुपये कमाते हैं। साल 2020 में उनकी कुल कमाई 9 लाख रुपये है। उन्हें रोजाना 2,500 रुपये भीख में मिलते हैं। एक सामान्य कामकाजी व्यक्ति भी रोजाना इतनी कमाई नहीं कर पाता और न ही कोई छोटा दुकानदार हर दिन इतनी बचत कर पाता है। जैन के पास परेल में 2 बेडरूम का फ्लैट है।
इसके अलावा ठाणे में उनके दो स्टोर हैं। वहीं दुकानों से हर महीने 30,000 रुपये किराये से मिलते हैं। उनका परिवार एक स्टेशनरी स्टोर चलाता है जहां से उन्हें अच्छी खासी कमाई भी होती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक कुल मिलाकर भरत जैन की कुल संपत्ति 7.5 करोड़ रुपये है। वह आमतौर पर मुंबई के छत्रपति शिवाजी टर्मिनस और आजाद मैदान इलाकों में भीख मांगता है।
हालांकि, सिर्फ वही नहीं, भारत में कई करोड़पति भिखारी हैं। कोलकाता की रहने वाली लक्ष्मी 16 साल की उम्र से ही भीख मांगने का काम कर रही है, तब से वह भीख मांगकर लाखों रुपये इकट्ठा कर चुकी हैं। इसी तरह मुंबई की रहने वाली गीता चर्नी रोड पर भीख मांगती है। उसका अपना एक फ्लैट है, जहां वह अपने भाई के साथ रहती है। गीता भीख मांगकर रोजाना करीब 1500 रुपये कमाती है।