World Sleep Day 2024: क्या आप जानते हैं कि आपकी उम्र के लिए कितनी नींद है जरूरी

World Sleep Day 2024: आज वर्ल्ड स्लीप डे है, ऐसे में अगर आप भी बेवजह थकान महसूस कर रहे हैं तो जान लीजिए कि कहीं आपको नींद की कमी तो नहीं है। आज हम ये बता रहे हैं कि आप कैसे जान सकते हैं कि आप नींद की कमी से जूझ रहे हैं

अपडेटेड Mar 15, 2024 पर 4:06 PM
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World Sleep Day 2024: जानिए क्यों जरूरी है नींद

World Sleep Day 2024: क्या आपको भी हर दिन सुबह उठने के बाद ऐसा लगता है कि अरे इतनी जल्दी सुबह हो गई और अभी तो मेरी नींद भी पूरी नहीं हुई। या फिर ऐसा लगता है कि अरे यार‍! फिर सोमवार आ गया, ऑफिस जाना होगा। अगर ऐसा महसूस होता है तो समझ जाइए कि आप नींद की कमी से जूझ रहे हैं। आज हम आपको कुछ ऐसे संकेत बता रहे हैं जिससे ये पता चलेगा कि आपकी नींद पूरी हो रही है या नींद की कमी से जूझ रही हैं।

कितनी नींद है जरूरी

इससे पहले कि हम ये बात करें कि नींद पूरी ना होने के संकेत क्या हैं। हम ये जान लेते हैं कि किस उम्र के लोगों को कितनी नींद की जरूरत होती है। अगर कोई टीनेज है तो उसके लिए 8 से 10 घंटे की नींद पर्याप्त है। लेकिन अगर कोई बच्चा स्कूल जाता है तो उसे कम से कम 9 से 11 घंटा जरूर सोना चाहिए। वहीं 18 से 64 साल के लोगों को कम से कम 7 से 9 घंटे की नींद लेनी चाहिए। हालांकि सोने के ये घंटे फिक्स नहीं हैं। इसमें एक दो घंटा कम या ज्यादा भी हो सकता है।


क्यों जरूरी है नींद?

नींद हमारे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए बहुत जरूरी है। यह हमें शारीरिक और मानसिक थकान से आराम दिलाता है और नई ऊर्जा और ताजगी प्रदान करता है। नींद के दौरान हमारे मस्तिष्क की प्रक्रियाओं को सुधारता है, साथ ही सार्वजनिक स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाता है। अगर हमें पर्याप्त नींद नहीं मिलती है, तो हमारी कार्यक्षमता, ध्यान, और निर्णय लेने की क्षमता प्रभावित हो सकती है। इसलिए, नींद को हमेशा महत्वपूर्ण माना जाना चाहिए और नियमित रूप से 7-8 घंटे की नींद का आनंद लिया जाना चाहिए।

नींद की कमी के ये हैं संकेत

अगर आप खुद में ये साइन देख रहे हैं तो समझ जाइए कि आप नींद की कमी से जूझ रहे हैं।

नींद न आने पर भी सो जाना-(जैसे कि अखबार पढ़ते समय, टीवी देखते समय)

बिस्तर पर जाते ही तुरंत नींद आना

वीकेंड पर लंबे समय तक सोना

झपकी आना

मूड स्विंग होना

दिन भर थकान

चिड़चिड़ापन महसूस होना

डिप्रेशन, टेंशन, पैरानॉयड या आत्महत्या के खयाल आना

किसी काम में मन ना लगना

सेक्स में कम दिलचस्पी

चीजों को याद करने में मुश्किल होना

ज्यादा भूख लगना

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