फेसबुक, वॉट्सऐप,टेलीग्राम जैसे ओटीटी एप्स जल्दी ही रेगुलेशन के दायरे में आएंगे। टेलीकॉम सेक्टर में नए बदलाव करने वाला ड्राफ्ट टेलीकॉम बिल 6 से 10 महीने के अंदर लागू होगा। ड्राफ्ट बिल लागू होने के बाद टेलीकॉम कंपनियों को भी राहत मिलेगी। टेलीकॉम मंत्री का कहना है कि इस बिल का मकसद रेगुलेशन को आसान बनाना है।
टेलीकॉम सेक्टर में दूसरे चरण के सुधार
टेलीकॉम सेक्टर के लिए सुधार के साथ टेलीकॉम बिल 6 से 10 महीने में लागू होगा। इसके लिए 20 अक्टूबर तक ड्राफ्ट पर लोगों की राय ली जायेगी। अब
आइये देखते हैं कि इस बिल में क्या नया और अलग है और ये कैसे आपके लिए बदलाव की बात करता है-
सीएनबीसी-आवाज़ के इकोनॉमिक पॉलिसी एडिटर लक्ष्मण रॉय ने कहा कि नये बिल के तहत कई फीचर होंगे और अधिकार होंगे। इसमें Right to Know the Caller का अधिकार यूजर्स को मिलेगा। इसकी वजह से आपको फोन करने वाला कॉलर कौन ये जानने का आपको अधिकार होगा। ये नियम सिर्फ नॉर्मल कॉल पर ही नहीं बल्कि वॉट्सऐप, टेलीग्राम, सिग्नल सब तरह के कॉल्स पर लागू होगा।
नये बिल के तहत नो योर कस्टमर यानी कि KYC के नियम और सख्त होंगे। इसमें जब कोई सिम कार्ड लेना जाता है। यदि उस समय उसने गलत जानकारी दी तो उसे जेल/जुर्माना हो सकता है। सरकार ने जुर्माने की रकम को 50000 से 1 लाख रुपये तक बढ़ा दिया है। इसकी वजह से साइबर फ्रॉड के मामले कम होंगे।
इस समय जो यूजर्स अनचाहे कॉल्स और मेसेजेस की वजह से परेशान से रहते हैं उन्हें राहत मिलेगी। नये नियमों के तहत मार्केटिंग वाले मैसेज पर लगाम लगेगी। आपको कोई भी मैसेज भेजने के लिए आपकी सहमति जरूरी होगी।
इंटरनेट पर फर्जीवाड़ा रुकेगा
लक्ष्मण ने कहा कि फेसबुक, वॉट्सऐप जैसे ऐप पर सख्ती का रवैया अपनाया गया है। OTT, इंटरनेट टेलीकॉम सर्विस का हिस्सा माना जायेगा। इसलिए इसके बाद से इन सभी को टेलीकॉम सर्विस के लिए लाइसेंस लेना जरूरी हो जायेगा।
लक्ष्मण ने कहा कि बिल में सुधार करते समय सरकार द्वारा पब्लिक सेफ्टी के साथ ही राष्ट्रीय सुरक्षा पर जोर दिया गया है। यानी कि अब कंटेंट पर पैनी नजर होगी। कोई भी किसी भी प्रकार के भड़काऊ सामग्री को प्रकाशित करने के बाद बच नहीं पायेगा।
सरकार ने लोगों को सर्विस की सुविधा उपलब्ध कराने वाले टावर्स का भी ख्याल रखा है। लक्ष्मण ने कहा कि घर/जमीन और टावर के नियमों को भी अलग से कवर किया जायेगा। इसके बाद घर/जमीन के साथ टावर नहीं बेच सकेंगे। यानी कि किसी के घर या जमीन पर टावर लगा है तो वह अपनी जमीन बेच सकता है जबकि टावर नहीं बेच सकेगा।