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Uttarakhand: मैनुअल ड्रिलिंग के जरिए मजदूरों को निकालने की कोशिश! करीब 52 मीटर तक हुई खुदाई, आज मिल सकती है अच्छी खबर

Uttarakhand: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रमुख सचिव डॉ. पीके मिश्र ने सोमवार को सिलक्यारा पहुंचकर पिछले दो सप्ताह से फंसे श्रमिकों को बाहर निकालने के लिए चलाए जा रहे बचाव कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने सुरंग के अंदर चल रहे बचाव कार्य की बारीकियों को समझा। साथ ही अधिकारियों के साथ ही इस काम में जुटे इंजीनियर और श्रमिकों से बात करके उनका हौसला बढ़ाया

Akhileshअपडेटेड Nov 28, 2023 पर 10:32 AM
Uttarakhand: मैनुअल ड्रिलिंग के जरिए मजदूरों को निकालने की कोशिश! करीब 52 मीटर तक हुई खुदाई, आज मिल सकती है अच्छी खबर
Uttarakhand Tunnel Collapse: अगर सब ठीक रहा तो अगले 24 घंटे में गुड न्यूज मिल सकती है

Uttarakhand Tunnel Collapse Rescue updates: उत्तराखंड की सिलक्यारा सुरंग में फंसे 41 श्रमिकों को बाहर निकालने के लिए चलाए जा रहे बचाव अभियान के 17वें दिन मंगलवार को मलबे को 'रैट होल माइनिंग' तकनीक से साफ करने के लिए एक्सपर्ट मौके पर पहुंच गए। जबकि वैकल्पिक रास्ता तैयार करने के लिए सुरंग के ऊपर से की जा रही मैनुअल ड्रिलिंग 52 मीटर तक पहुंच गई है। अधिकारियों ने बताया कि 12 नवंबर से फंसे 41 मजदूरों को बाहर निकालने के लिए कोशिशें तेज हो गई हैं। एक साथ वर्टिकल और हॉरिजॉन्टल ड्रिलिंग दोनों की जा रही है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अब तक अच्छे रिजल्ट मिले हैं। अगर सब ठीक रहा तो अगले 24 घंटे में गुड न्यूज मिल सकती है।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार सुबह पत्रकारों को बताया कि अब मजदूरों से 7 से 8 मीटर दूरी रह गई है। सीएम ने बताया "लगभग 52 मीटर पाइप अंदर जा चुका है। करीब 57 मीटर तक पाइप को अंदर धकेलना है। इसके बाद एक पाइप और लगेगा...पहले स्टील आदि मिल रहा था, जो अब कम हो गया है। अब सीमेंट का कंक्रीट मिल रहा है जिसे कटर से काट रहे हैं।"

बचाव कार्यों में सहयोग के लिए उत्तराखंड सरकार की ओर से नियुक्त नोडल अधिकारी नीरज खैरवाल ने सिलक्यारा में मीडिया को बताया कि तड़के तक मलबे के अंदर फंसी ऑगर मशीन के हिस्सों को काटकर निकाल दिया गया है। उन्होंने कहा कि ऑगर मशीन का हेड (सिरा) भी पाइप के अंदर फंसा हुआ था। अब उसे भी हटा दिया गया है। हालांकि, उन्होंने कहा कि मशीन के हेड को निकालने के लिए कुल 1.9 मीटर पाइप को भी काटना पड़ा।

कब तक बाहर आएंगे मजदूर?

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