Wayanad landslide Death toll: केरल में वायनाड जिले में मंगलवार (30 जुलाई) सुबह हुए दो बड़े भूस्खलन में मृतकों की संख्या बढ़कर 150 हो गई है। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि लगभग 197 घायल लोगों को विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया तथा 90 लोग अभी भी लापता हैं। उन्होंने कहा कि चूरामला शहर में भूस्खलन से कम से कम 70 घर पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए। जबकि वेल्लारामला जीवीएचएसएस स्कूल आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गया और कई दुकानें पूरी तरह या आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गईं। कई परिवारों के सदस्यों ने बताया है कि उनके प्रियजनों का पता नहीं चल पाया है। वायनाड में 45 राहत शिविर स्थापित किए गए हैं, जिनमें 3,069 लोगों को रखा गया है।
इस बीच, विभिन्न बचाव एजेंसियों ने इस त्रासदी में फंसे संदिग्ध लोगों का पता लगाने के लिए बुधवार को सुबह-सुबह अपना अभियान फिर से शुरू कर दिया है। केरल सरकार ने 30 और 31 जुलाई को शोक की घोषणा की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये और घायलों को 50,000 रुपये मुआवजे के रूप में देने की घोषणा की है। केरल सरकार ने नागरिकों की इमरजेंसी कॉलों पर ध्यान देने के लिए दो नियंत्रण कक्ष खोले हैं (9656938689 और 8086010833)।
भारतीय सेना ने संभाला मोर्चा
केरल राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (KSDMA) के अनुसार, अग्निशमन और बचाव, नागरिक सुरक्षा, NDRF और स्थानीय आपातकालीन प्रतिक्रिया दल के सदस्य बचाव अभियान में शामिल हैं। DSC केंद्र कन्नूर और कोझीकोड से 122 TA बटालियन के लगभग 200 भारतीय सेना के जवान भी घटनास्थल पर हैं। इसके साथ ही, वायुसेना के दो हेलीकॉप्टर एक Mi-17 और एक ALH भी बचाव अभियान का हिस्सा हैं।
ऑपरेशन के लिए पहले से ही तैनात लगभग 225 कर्मियों की कुल संख्या वाली चार टुकड़ियों के अलावा, कम से कम 140 कर्मियों वाली दो और टुकड़ियों को तिरुवनंतपुरम में स्टैंडबाय पर रखा गया है, ताकि किसी आपात स्थिति में उन्हें हवाई मार्ग से ले जाया जा सके। सेना एचएडीआर प्रयासों के समन्वय के लिए कोझिकोड में एक कमांड-एंड-कंट्रोल सेंटर भी स्थापित कर रही है।
आज स्कूल-कॉलेज बंद रहेंगे
आपदा के मद्देनजर बुधवार, 31 जुलाई को सभी शैक्षणिक संस्थान बंद रहेंगे। ओनमनोरमा की रिपोर्ट के अनुसार, 11 जिलों कासरगोड, कन्नूर, कोझिकोड, वायनाड, मलप्पुरम, पलक्कड़, त्रिशूर, इडुक्की, एर्नाकुलम, अलाप्पुझा और पथानामथिट्टा में भी अवकाश घोषित किया गया है। इस बीच मुख्यमंत्री ने लोगों से वायनाड की यात्रा न करने का आग्रह किया है। मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने कहा कि राज्य सरकार इस दुखद घटना से बहुत दुखी है, जिसमें कई लोगों की जान चली गई और घरों और अन्य संपत्तियों को व्यापक नुकसान पहुंचा।
'दिल दहला देने वाली त्रासदी'
तिरुवनंतपुरम में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने इस दुखद घटना को दिल दहला देने वाली त्रासदी बताया। मुख्यमंत्री ने केरल राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (केएसडीएमए) के कार्यालय का भी दौरा किया और चूरलमाला में चल रहे राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि लेफ्टिनेंट कर्नल के नेतृत्व में सेना की एक टीम निकटतम नदी पार कर मुंडक्कई बाजार क्षेत्र में पहुंची, जहां से कई फंसे हुए लोगों को बचाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि निकटतम मलप्पुरम जिले में चलियार नदी से कई शव और मृतकों के पाए गए हैं।
पहला भूस्खलन सोमवार देर रात दो बजे हुआ और दूसरा भूस्खलन मंगलवार तड़के 4.10 बजे हुआ। मेप्पडी और मुंडाकाई चुरलमाला सहित क्षेत्र में कई स्थान अलग-थलग हो गए और चुरामाला और मुंडाकाई सड़क पूरी तरह से बह गई। वेल्लारमाला जीवीएच स्कूल पूरी तरह से जमीदोज हो गया है। उन्होंने कहा, घरों और आजीविका को भारी नुकसान हुआ है।
सीएम ने कहा कि राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता, विपक्ष के उपनेता और पूर्व नेता प्रतिपक्ष ने फोन कर कहा है कि हम सभी इस त्रासदी में मिलकर काम करेंगे। उन्होंने कहा कि वायनाड में 45 राहत शिविर खोले गए हैं और 3069 लोगों को विभिन्न शिविरों में शिफ्ट किया गया है। राज्य भर में कुल 118 शिविर में कुल 5,531 लोगों को ठहराया गया है।