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Samudrayaan: इंसानों को समंदर के 6,000 मीटर गहराई में भेजेगा भारत, जानिए देश के पहले 'समुद्रयान' मिशन के बारे में

गहरे समुद्र में पानी के बीच छुपे रहस्यों का पता लगाने के लिए भारत सरकार ने महामिशन शुरू किया है, जिसका नाम 'समुद्रयान (Samudrayaan)' रखा गया है

MoneyControl Newsअपडेटेड Aug 06, 2022 पर 7:10 PM
Samudrayaan: इंसानों को समंदर के 6,000 मीटर गहराई में भेजेगा भारत, जानिए देश के पहले 'समुद्रयान' मिशन के बारे में
भारत की समुद्री सीमा 7,517 किलोमीटर लंबी है

गहरे समुद्र में पानी के बीच छुपे रहस्यों का पता लगाने के लिए भारत सरकार ने महामिशन शुरू किया है, जिसका नाम 'समुद्रयान (Samudrayaan)' रखा गया है। इस मिशन के साथ ही भारत अमेरिका, रूस, जापान, फ्रांस और चीन जैसे उन चुनिंदा देशों की सूची में शामिल हो गया है कि जिनके पास समुद्र के इतने भीतर जाकर गतिविधियों को अंजाम देने की तकनीक हैं।

क्या है समुद्रयान मिशन?

यह एक महासागर मिशन है। इसका उद्देश्य एक मानवयुक्त पनडुब्बी वाहन बनाना और उन्हें समुद्र के अंदर 6,000 मीटर की गहराई तक भेजना है, जिससे वे रिसर्च और अध्ययन कर सकें। इस मिशन को अक्टूबर 2021 में शुरू किया गया था। हाल ही में चेन्नई स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओसेन टेक्नोलॉजी (NIOT) ने बताया कि, समुद्रयान अभियान में इस्तेमाल होने वाला वाहन साल 2024 तक तैयार हो जाएगा। इस पनडुब्बी का नाम ‘मत्स्य 6000’ दिया गया है और इसे देश में ही बनाया जा रहा है।

यह पनडुब्बी तीन मानवों को समुद्र के भीतर छह हजार मीटर की गहराई तक ले जाने में सक्षम होगी। NIOT ने बताया कि टाइटेनियम मिश्रधातु से बने इसके 2.1 मीटर की चौड़ाई वाले हिस्से तीन व्यक्ति जा सकते हैं। यह वाहन एक बार में 12 घंटे तक काम कर सकता है और आपातकालीन स्थिति में 96 घंटे तक गहरे समुद्र में रह सकता है।

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