इंश्योरटेक (इंश्योरेंस+टेक्नोलॉजी) फर्म एको (Acko) अपना IPO ला रही है। इसके लिए कंपनी ने ICICI सिक्योरिटीज, मॉर्गन स्टेनली और कोटक सिक्योरिटीज को बुक-रनिंग लीड मैनेजर चुना है। मनीकंट्रोल को मामले की जानकारी रखने वालों से पता चला है कि कंपनी आने वाले महीनों में कैपिटल मार्केट रेगुलेटर SEBI के पास अपना ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) जमा कर सकती है। Acko की नजर 2-2.5 अरब डॉलर की वैल्यूएशन हासिल करने पर है।
Acko IPO में नए शेयर जारी होने के साथ-साथ मौजूदा निवेशकों की ओर से 'ऑफर फॉर सेल' (OFS) भी रहने की उम्मीद है। कंपनी के पब्लिक इश्यू का साइज 25 करोड़ डॉलर तक का रह सकता है। यह वित्त वर्ष 2027 के दौरान ही लॉन्च हो सकता है। एको की शुरुआत साल 2016 में वरुण दुआ और रुचि दीपक ने की थी। इसका कारोबार डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर (D2C) ऑटो इंश्योरेंस से शुरू हुआ था। मार्च 2023 में कंपनी ने रिटेल हेल्थ इंश्योरेंस सेगमेंट में कदम रखा और हेल्थ बिजनेस में विस्तार करने के लिए पेरेंटलेन को खरीदा।
इसकी फोनपे और मायगेट के साथ साझेदारी है, ताकि इनके प्लेटफॉर्म पर ग्राहकों को सीधे तौर पर इंश्योरेंस सुविधाएं दी जा सकें। इसके अलावा ओयो, रेडबस, जोमैटो, HDB Financial Services और अर्बन कंपनी जैसे 50 से ज्यादा प्लेटफॉर्म्स के साथ भी इसकी पार्टनरशिप है।
Acko ने अब तक जुटाया 45-46 करोड़ डॉलर तक का फंड
कंपनी अब तक 45-46 करोड़ डॉलर तक का फंड जुटा चुकी है। इसमें जनरल अटलांटिक, एक्सेल, एलिवेशन कैपिटल FPGA फैमिली फाउंडेशन जैसे दिग्गजों का निवेश है। एको का वित्त वर्ष 2025 में ऑपरेशंस से रेवेन्यू लगभग 35 प्रतिशत बढ़कर 2,837 करोड़ रुपये रहा। इससे एक साल पहले यह 2,106 करोड़ रुपये था। वित्त वर्ष 2025 में घाटा 37 प्रतिशत कम होकर 424 करोड़ रुपये रह गया।
हाल ही में निकाले 60 कर्मचारी
हाल ही में रिपोर्ट आई कि एको ने लगभग 60 कर्मचारियों को नौकरी से निकाला है। कर्मचारियों की यह संख्या कंपनी की कुल वर्कफोर्स के करीब 5 प्रतिशत के बराबर है। मार्च 2026 के आखिर तक कंपनी में लगभग 1200 कर्मचारी थे। प्रभावित कर्मचारियों के जून 2026 के आखिर तक एको के साथ बने रहने की उम्मीद है। यही नहीं कंपनी के चीफ मार्केटिंग ऑफिसर आशीष मिश्रा इस्तीफा दे चुके हैं। वह अगस्त 2020 से Acko के साथ थे।
मिंट की रिपोर्ट के मुताबिक, मिश्रा अभी अपना नोटिस पीरियड पूरा कर रहे हैं। उनकी जगह नितिन खन्ना ले सकते हैं। इससे पहले कोविड-19 महामारी के दौरान Acko ने 45-50 कर्मचारियों को नौकरी से निकाला था। उस वक्त इसकी टीम 480–500 कर्मचारियों की थी।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।