मेनबोर्ड सेगमेंट में एड्रोइट इंडस्ट्रीज (इंडिया) के IPO को जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला है। ₹150.71 करोड़ का पब्लिक इश्यू 176.85 गुना के बंपर सब्सक्रिप्शन के साथ बंद हुआ है। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 195.04 गुना, नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 332.35 गुना और रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 99.81 गुना भरा। अब 28 सितंबर को अलॉटमेंट फाइनल हो सकता है। कंपनी के शेयरों की लिस्टिंग NSE और BSE पर 30 सितंबर को हो सकती है। एड्रोइट इंडस्ट्रीज (इंडिया) लिमिटेड ड्राइवलाइन सिस्टम्स में इस्तेमाल होने वाले प्रोपेलर शाफ्ट और टॉर्क-ट्रांसमिशन पार्ट्स बनाती और सप्लाई करती है।
कंपनी 5,000 से ज्यादा SKUs का पोर्टफोलियो ऑफर करती है, जिसमें प्रिसिशन-मशीन्ड टॉर्क-ट्रांसमिशन कंपोनेंट्स, कंप्लीट प्रोपेलर शाफ्ट असेंबलीज और फोर्ज्ड कंपोनेंट्स शामिल हैं। इसकी वर्टिकली इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं में फोर्जिंग, प्रिसिशन मशीनिंग, हीट ट्रीटमेंट, असेंबली, बैलेंसिंग और टेस्टिंग शामिल हैं, जिससे प्रोडक्शन प्रोसेस पर पूरा कंट्रोल बना रहता है। जिन लोगों ने Adroit Industries IPO में पैसे लगाए हैं, वे अलॉटमेंट स्टेटस ऐसे चेक कर सकते हैं...
Bigshare Services की साइट से
IPO में ₹132.62 करोड़ के 98.97 लाख नए शेयर जारी हुए। साथ ही ₹18.09 करोड़ के 13.50 लाख शेयरों का ऑफर फॉर सेल (OFS) रहा। प्राइस बैंड ₹126-₹134 प्रति शेयर था है। कंपनी ने IPO खुलने से पहले एंकर इनवेस्टर्स से ₹45.21 करोड़ जुटाए। ग्रे मार्केट में एड्रोइट इंडस्ट्रीज का शेयर 43.28 प्रतिशत प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है। ग्रे मार्केट एक अनऑथराइज्ड मार्केट है, जहां किसी कंपनी के शेयर उसकी लिस्टिंग तक ट्रेड करते हैं।
कंपनी अपने प्रोडक्ट्स को डिस्ट्रीब्यूटर्स, टियर-1 ड्राइवलाइन कंपोनेंट सप्लायर्स और सीधे ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स को कस्टमर्स की खास टेक्निकल जरूरतों के आधार पर सप्लाई करती है। इसके प्रोडक्ट्स मुख्य रूप से कमर्शियल गाड़ियों के साथ-साथ SUVs, डिफेंस और इमरजेंसी सर्विसेज, हैवी इक्विपमेंट, ऑफ-हाइवे मशीनरी और इंडस्ट्रियल कामों के लिए इस्तेमाल होते हैं। कंपनी की एक्सपोर्ट में अच्छी मौजूदगी है और यह नॉर्थ अमेरिका, यूरोप, लैटिन अमेरिका, मिडिल ईस्ट, अफ्रीका और एशिया-पैसिफिक में कस्टमर्स को प्रोडक्ट्स सप्लाई करती है।
IPO के पैसे कैसे होंगे इस्तेमाल
IPO में नए शेयर जारी कर हुई कमाई का इस्तेमाल देवास फैसिलिटी के लिए मशीनरी व इक्विपमेंट खरीदने के लिए, मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटीज के बीच सामान की आवाजाही के लिए ट्रांसपोर्टेशन व्हीकल खरीदने के लिए, सब्सिडियरीज में डेट या इक्विटी के तौर पर निवेश के लिए और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा।
एड्रोइट इंडस्ट्रीज का रेवेन्यू वित्त वर्ष 2025-26 में 5 प्रतिशत बढ़कर ₹143 करोड़ हो गया। शुद्ध मुनाफा 44 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ ₹26.16 करोड़ दर्ज किया गया। इस बीच कंपनी पर ₹52.40 करोड़ की उधारी थी। वित्त वर्ष 2025 के दौरान रेवेन्यू ₹136.61 करोड़ और शुद्ध मुनाफा ₹18.14 करोड़ रहा।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।