कैपिटल मार्केट रेगुलेटर SEBI ने 6 कंपनियों को IPO के जरिए फंड जुटाने के लिए मंजूरी दे दी है। इन कंपनियों में क्विक कॉमर्स यूनिकॉर्न Zepto और ऑटो पार्ट्स बनाने वाली कंपनी धूत ट्रांसमिशन भी शामिल है। मंजूरी पाने वाली दूसरी कंपनियों में होराइजन इंडस्ट्रियल पार्क्स, सर्जीवियर, क्रिस्टल क्रॉप प्रोटेक्शन और होटल पोलो टॉवर्स शामिल हैं। इन कंपनियों ने अक्टूबर से फरवरी के बीच अपने IPO का ड्राफ्ट जमा किया था और इन्हें 4 से 8 मई के बीच Sebi से ऑब्जर्वेशंस मिल गए। इन ऑब्जर्वेशंस का मिलना IPO लाने के लिए मंजूरी मिलने के बराबर माना जाता है। सभी 6 कंपनियां BSE और NSE पर लिस्ट होंगी।
जेप्टो और धूत ट्रांसमिशन ने दिसंबर 2025 और फरवरी 2026 में गोपनीय तरीके (confidential route) का इस्तेमाल करते हुए SEBI के पास ड्राफ्ट पेपर जमा किए थे। कॉन्फिडेंशियल रूट कंपनियों को लिस्टिंग पर अंतिम फैसले पर पहुंचने तक गोपनीयता की सुविधा देता है। अगर जरूरी हो तो वे बाद में बाजार की स्थितियों के आधार पर महत्वपूर्ण जानकारी का खुलासा किए बिना ड्राफ्ट को वापस भी ले सकती हैं।
कॉन्फिडेंशियल प्री-फाइलिंग कंपनियों को सेंसिटिव बिजनेस डिटेल्स या फाइनेंशियल मेट्रिक्स और रिस्क्स को गोपनीय रखने की इजाजत देती है, खासकर कॉम्पिटीटर्स से। दूसरी ओर स्टैंडर्ड DRHP (ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस) फाइलिंग के बाद एक पब्लिक डॉक्युमेंट बन जाता है।
कितने बड़े IPO की तैयारी में Zepto और Dhoot Transmission
न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, Zepto अपने IPO के जरिए 11,000 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य लेकर चल रही है। जेप्टो के प्रतिद्वंद्वी जोमैटो और स्विगी पहले से शेयर बाजारों में लिस्टेड हैं। धूत ट्रांसमिशन अपने IPO के जरिए 25 करोड़ डॉलर (लगभग 2,258 करोड़ रुपये) जुटाने का लक्ष्य लेकर चल रही है। पीटीआई के मुताबिक, सूत्रों का कहना है कि IPO में नए इक्विटी शेयरों को जारी करने के साथ-साथ मौजूदा निवेशकों की ओर से 'ऑफर फॉर सेल' (OFS) भी रहेगा। हालांकि, प्रमोटर OFS के जरिए अपनी हिस्सेदारी नहीं बेचेंगे। धूत ट्रांसमिशन में दिग्गज प्राइवेट इक्विटी फर्म बेन कैपिटल का भी पैसा लगा हुआ है।
Horizon Industrial Parks और Surgiwear के इश्यू
होराइजन इंडस्ट्रियल पार्क्स में ग्लोबल प्राइवेट इक्विटी फर्म ब्लैकस्टोन का भी पैसा लगा हुआ है। कंपनी अपने IPO के जरिए 2,600 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही है। इस IPO में केवल नए इक्विटी शेयर जारी होंगे। 'ऑफर फॉर सेल' (OFS) नहीं होगा। ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस' (DRHP) के मुताबिक, इस IPO से मिलने वाली रकम में से लगभग 2,250 करोड़ रुपये का इस्तेमाल कर्ज चुकाने के लिए किया जाएगा।
उत्तर प्रदेश की कंपनी Surgiwear के प्रस्तावित IPO में 370 करोड़ रुपये तक के नए शेयर जारी होंगे। साथ ही प्रमोटर घनश्याम दास अग्रवाल की ओर से 370 करोड़ रुपये तक का 'ऑफर फॉर सेल' (OFS) रहेगा। IPO में नए शेयरों से हासिल पैसों का इस्तेमाल मशीनें खरीदने, कर्ज चुकाने और कंपनी के आम कामों के लिए किया जाएगा।
Crystal Crop Protection और Hotel Polo Towers
फसल समाधान देने वाली कंपनी क्रिस्टल क्रॉप प्रोटेक्शन अपने IPO में 600 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी करेगी। इसके अलावा प्रमोटर और निवेशकों की ओर से 74,05,387 शेयरों का OFS भी रहेगा। OFS के तहत, मौजूदा निवेशक इंटरनेशनल फाइनेंस कॉरपोरेशन और IFC एमर्जिंग एशिया फंड LP अपने शेयर बेचेंगे। ड्राफ्ट पेपर्स से पता चलता है कि नए शेयरों को जारी कर हासिल होने वाले पैसों का इस्तेमाल कंपनी और उसकी सहायक कंपनी, सफायर क्रॉप साइंस का कर्ज चुकाने के लिए किया जाएगा। साथ ही पहले से न पता अधिग्रहणों और रणनीतिक पहलों के जरिए इनऑर्गेनिक ग्रोथ के लिए पैसे जुटाने, और कंपनी के आम कामों के लिए भी इन पैसों का इस्तेमाल होगा।
होटल पोलो टॉवर्स के IPO में 300 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी होंगे। साथ ही प्रमोटर्स की ओर से 71.2 लाख शेयरों का OFS होगा। होटल पोलो टॉवर्स पूर्वोत्तर, पूर्वी और उत्तरी भारत में 'Polo' और 'Max' ब्रांड के तहत होटलों और रिसॉर्ट्स की चेन चलाती है।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।