Aye Finance IPO: अल्फाबेट के निवेश वाली Aye Finance के आईपीओ का आज आखिरी दिन है, लेकिन बाजार की हलचल देखकर ऐसा लग रहा है कि निवेशक फिलहाल 'वेट एंड वॉच' की स्थिति में हैं। दोपहर तक के आंकड़ों के अनुसार, यह इश्यू महज 37% ही सब्सक्राइब हो पाया है। 1,010 करोड़ रुपये जुटाने के लक्ष्य के साथ आए इस आईपीओ को लेकर रिटेल और संस्थागत निवेशकों (QIB) दोनों का रिस्पांस अब तक उम्मीद से काफी कम रहा है।
Aye Finance आईपीओ की महत्वपूर्ण डिटेल्स
प्राइस बैंड: ₹857 से ₹900 प्रति शेयर
आईपीओ का साइज: ₹2,833.90 करोड़
लिस्टिंग: 16 फरवरी को BSE और NSE पर
बड़े निवेशकों का साथ, फिर भी ठंडा रिस्पांस क्यों?
हैरानी की बात यह है कि Aye Finance के पीछे एलिवेशन कैपिटल (16.03%), गूगल की पैरेंट कंपनी अल्फाबेट (13.14%) और कैपिटल-जी जैसे दिग्गज नाम खड़े है। 1993 में स्थापित यह NBFC मुख्य रूप से छोटे और सूक्ष्म उद्योगों (MSMEs) को लोन देने का काम करती है। कंपनी के एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) में भी सालाना आधार पर करीब 47% की अच्छी बढ़ोतरी देखी गई है। हालांकि, बाजार में मौजूदा 'क्रेडिट कॉस्ट' और एनपीए (GNPAs) के बढ़ते दबाव ने निवेशकों को थोड़ा सतर्क कर दिया है।
बोली लगाए या छोड़ दें? क्या है एक्सपर्ट की राय
ब्रोकरेज फर्म 'चॉइस इक्विटी ब्रोकिंग' ने इस आईपीओ को 'लॉन्ग टर्म के लिए सब्सक्राइब' करने की रेटिंग दी है। उनका मानना है कि ऊपरी प्राइस बैंड पर यह शेयर अपने प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले सस्ते वैल्यूएशन (1.3x P/BV) पर उपलब्ध है। हालांकि परिचालन स्तर पर कुछ चुनौतियां हैं, लेकिन रिकवर होता एनबीएफसी सेक्टर लंबी अवधि में निवेशकों को फायदा पहुंचा सकता है। आसान भाषा में समझे तो, जो लोग लिस्टिंग गेन की तलाश में हैं, उनके लिए यह आईपीओ निराशाजनक हो सकता है, लेकिन लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह एक 'रिस्क-एडजस्टेड' एंट्री पॉइंट हो सकता है।
क्या है ग्रे मार्केट का हाल?
आईपीओ बाजार के जानकारों की नजर 'ग्रे मार्केट प्रीमियम' (GMP) पर टिकी है, जो फिलहाल ₹0 पर बना हुआ है। इसका सीधा मतलब यह है कि अनौपचारिक बाजार में इस शेयर को लेकर कोई उत्साह नहीं है और इसकी लिस्टिंग इश्यू प्राइस ₹129 के आसपास ही होने की संभावना है। मौजूदा GMP के आधार पर इस आईपीओ में बोली लगाने वाले निवेशकों को कुछ खास मुनाफा होने की उम्मेद नहीं है।
डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।