C2C Advanced Systems IPO Listing Postponed: मार्केट रेगुलेटर सेबी (SEBI) ने सी2सी एडवांस्ड सिस्टम्स के इनीशियल पब्लिक ऑफर (IPO) की लिस्टिंग को टाल दिया है। इस मामले से वाकिफ सूत्रों ने मनीकंट्रोल को यह जानकारी दी है। पहले इस IPO की लिस्टिंग आगामी 29 नवंबर को होनी थी। हालांकि अब SEBI ने कंपनी के सामने 2 शर्तों रखी हैं और कहा कि इन दोनों शर्तों के पूरा होने तक इसकी लिस्टिंग को टाला जाता है। SEBI की पहली शर्त है कि कंपनी अपने बोर्ड में एक इंडिपेंडेंट डायरेक्टर को नियुक्त करें। वहीं दूसरी शर्त यह है कि कंपनी का ऑडिटर अपनी रिपोर्ट को एनएसई या सेबी के पास सौंपे।
नोटिस के मुताबिक SEBI ने कंपनी को ऑडिटर से अपने फाइनेंशियल अकाउंट्स की स्वतंत्र रिपोर्ट हासिल करने और उसे जमा करने का निर्देश दिया है। बता दें कि C2C एडवांस्ड सिस्टम्स की लिस्टिंग्स 29 नवंबर को होनी थी। यह IPO 22 से 26 नवंबर के बीच बोली के लिए खुला है। सोमवार 25 नवंबर को बोली खत्म होने तक इस IPO को कुल 106.90 गुना अधिक बोली मिल चुकी थी। रिटेल निवेशकों की कैटगरी में कंपनी को 157.66 गुना अधिक सब्सक्रिप्शन मिला है।
इस घटनाक्रम से सीधे वाकिफ एक व्यक्ति ने मनीकंट्रोल को बताया, "स्वतंत्र ऑडिटर की नियुक्ति का आदेश इसलिए दिया गया है क्योंकि कंपनी को एक निवेशक से शिकायत मिली थी।" खबर लिखे जाने तक हम यह नहीं जान पाए कि शिकायत किस बारे में थी। जानकारी मिलने पर स्टोरी को अपडेट किया जाएगा।
नोटिस में यह भी कहा गया है कि कंपनी को शेयर आवंटन से पहले निवेशकों (एंकर सहित) को यह विकल्प देना होगा कि वे चाहें तो अपने आवेदन वापस ले सकते हैं। इसमें यह भी कहा गया है कि कोई नया सब्सक्रिप्शन नहीं होगा। नोटिस में यह भी जिक्र है कि लिस्टिंग के बाद फंड के सही इस्तेमाल पर निगरानी रखने के लिए NSE की ओर से एक एजेंसी की नियुक्ति की जाएगी।
C2C एडवांस्ड सिस्टम्स ने अपने आईपीओ से करीब 99.07 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बताई थी। इसके तहत कंपनी ने अपने 43.83 लाख शेयरों को 226 रुपये प्रति शेयर के भाव पर बिक्री के लिए रखा था।
नई दिल्ली मुख्यालय वाली इस कंपनी ने 21 नवंबर को एंकर निवेशकों से 28.23 करोड़ जुटाए थे। जिन एंकर निवेशकों ने इसमें भाग लिया उसमें अर्थ AIF, बंगाल फाइनेंस, J4S वेंचर फंड, किंग्समैन वेल्थ फंड, LC रेडियंस फंड, NAV कैपिटल, नेजेन अनडिस्कवर्ड वैल्यू फंड और शाइन स्टार बिल्ड कैप शामिल हैं। इन एंकर निवेशकों को अपर प्राइस बैंड पर कुल 12.49 लाख शेयर आवंटित किए गए।
यह कंपनी कस्टमाइज्ड सॉफ्टवेयर और सॉफ्टवेयर-इनेबल्ड सिस्टम को डिलीवर करने में माहिर है जो मिलिट्री और सिक्योरिटी अपार्ट्स के लिए अहम मिशन डिफेंस एप्लिकेशंस को नियंत्रित करते हैं। कंपनी ने कहा कि वह IPO से मिली राशि का इस्तेमाल फिक्स्ड एसेट्स को खरीदने और दुबई में एक्सपीरियंस सेंटर को खोलने में करेगी।