Capital Infra Trust IPO: इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश ट्रस्ट 'कैपिटल इंफ्रा ट्रस्ट' अपना पब्ल्कि इश्यू 7 जनवरी को ओपन करने जा रही है। यह 9 जनवरी को बंद होगा। कैपिटल इंफ्रा ट्रस्ट को पहले नेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर ट्रस्ट के नाम से जाना जाता था। इसका मकसद IPO के माध्यम से 1,578 करोड़ रुपये जुटाना है। IPO में 1,077 करोड़ रुपये तक की नई यूनिट रहेंगी। साथ ही 501 करोड़ रुपये की यूनिट्स का ऑफर फॉर सेल रहेगा।
कैपिटल इंफ्रा ट्रस्ट ने संस्थागत निवेशकों के लिए IPO का 75 प्रतिशत और नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए 25 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया है। IPO क्लोज होने के बाद यूनिट्स का अलॉटमेंट 14 जनवरी को फाइनल होगा। यूनिट्स में ट्रेडिंग 17 जनवरी से शुरू होगी।
सितंबर 2023 में शुरू हुई थी ट्रस्ट
कैपिटल इंफ्रा ट्रस्ट की स्थापना गवार कंस्ट्रक्शन ने सितंबर 2023 में एक इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश ट्रस्ट के रूप में की थी। इसका मुख्य उद्देश्य पूरी हो चुकी और रेवेन्यू जनरेट करने वाले 9 इनीशियल पोर्टफोलियो एसेट्स का अधिग्रहण, प्रबंधन और निवेश करना है। इन्हें भारत के सात राज्यों में प्रोजेक्ट एसपीवी द्वारा ओन और ऑपरेट किया जाता है।
इनीशियल पोर्टफोलियो एसेट्स के अलावा, ट्रस्ट को इनवेस्टमेंट मैनेजर गवार इनवेस्टमेंट मैनेजर के माध्यम से, राइट ऑफ फर्स्ट ऑफर समझौते के अनुसार अपने स्पॉन्सर के साथ राइट ऑफ फर्स्ट ऑफर के माध्यम से नए प्रोजेक्ट्स का अधिग्रहण करने का भी अधिकार होगा।
कैपिटल इंफ्रा ट्रस्ट की वित्तीय स्थिति
वित्त वर्ष 2024 में इनीशियल पोर्टफोलियो एसेट्स के परिचालन से कैपिटल इंफ्रा ट्रस्ट का रेवेन्यू 1,485 करोड़ रुपये रहा। यह इससे पहले के वित्त वर्ष के 2,033 करोड़ रुपये के रेवेन्यू से काफी कम है। वित्त वर्ष 2024 में मुनाफा काफी कम होकर 125.8 करोड़ रुपये रह गया, जो वित्त वर्ष 2023 में 497.2 करोड़ रुपये था। सितंबर 2024 को समाप्त छह महीने की अवधि में मुनाफा 115.4 करोड़ रुपये और रेवेन्यू 705.4 करोड़ रुपये था।
कैपिटल इंफ्रा ट्रस्ट अपने IPO में नई यूनिट जारी करने से हासिल पैसों का इस्तेमाल वित्तीय ऋणदाताओं और स्पॉन्सर से लिए गए कर्ज को चुकाने के लिए करेगी। एक्सिस ट्रस्टी सर्विसेज को ट्रस्ट का एकमात्र ट्रस्टी नियुक्त किया गया है। कैपिटल इंफ्रा ट्रस्ट के IPO को संभालने वाले बुक रनिंग लीड मैनेजर एसबीआई कैपिटल मार्केट्स और एचडीएफसी बैंक हैं।