CarTrade IPO: कारट्रेड टेक लिमिटेड ने इस साल अप्रैल में फंड जुटाया था जिससे वह यूनिकॉर्न स्टेटस के करीब पहुंच गई थी। यूनिकॉर्न के मायने हैं कि कंपनी की वैल्यू 1 अरब डॉलर पहुंच गई है। अब कंपनी ने IPO लान के लिए सेबी को आवदेन जमा कर दिया है। IPO के जरिए कंपनी 2,000 करोड़ रुपए जुटाने की तैयारी में है।
CarTrade इश्यू जारी करने वाली पहली ऑनलाइन ऑटो क्लासीफाइड मार्केटप्लेस होगी।
CarTrade.com में कई बड़े इनवेस्टर्स जैसे टेमासेक (Temasek), वारबर्ग पिनकस (Warburg Pincus) और जेपी मॉर्गन (JP Morgan) का पैसा लगा है। इस मामले की जानकारी रखने वाले लोगों ने मनीकंट्रोल ने बताया कि कंपनी IPO के जरिए 2000 करोड़ रुपए का फंड जुटाने की तैयारी में है।
अगर कंपनी की लिस्टिंग प्लान कामयाब होती है तो IPO लाने वाली यह पहली ऑनलाइन ऑटो प्लेटफॉर्म होगी। CarTrade.com में मार्च कैपिटल एंड एपिफैनी वेंचर्स (March Capital & Epiphany Ventures) का भी पैसा लगा है। CarTrade.com का मुकाबला बिजनेस में ड्रूम, Cars24, क्विकर, olx और महिंद्रा फ़र्स्ट च्वाइस व्हील्स जैसी कंपनियों के साथ है। CarTrade.com के फाउंडर और CEO विनय सांघी हैं। यह 2000 से 2009 तक महिंद्रा फ़र्स्ट च्वाइस व्हील्स के CEO थे।
इस मामले की जानकारी रखने वाले सूत्र ने बताया, "इनवेस्टमेंट बैंक एक्सिस कैपिटल प्रस्तावित IPO के लिए काम कर रही है। बाद में कुछ दूसरे इनवेस्टमेंट बैंकर्स को भी नियुक्त किया जा सकता है। कंपनी की योजना फिलहाल 2000 करोड़ रुपए जुटाने की है बाद में कंपनी फंड का साइज बढ़ा घटा सकती है।"
इस साल अप्रैल में CarTrade ने IIFL और मालाबार इनवेस्टमेंट एडवाइजर्स की अगुवाई में 2.5 करोड़ डॉलर जुटाए थे। इसके बाद कंपनी की वैल्यू 1 अरब डॉलर पहुंच गई है।
नवंबर 2015 में कार ट्रेड ने प्रतिद्वंदी कंपनी कारवाले को जर्मनी के मीडिया ग्रुप एक्सेल स्प्रिंगर से 590 करोड़ रुपए में खरीदा था। इसके बाद जनवरी 2018 में कंपनी ने व्हीकल ऑक्शनिंग प्लेटफॉर्म श्रीराम ऑटोमॉल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड में 51 फीसदी हिस्सेदारी ली थी। यह ऑटो लोन देने वाली कंपनी श्रीराम ट्रांसपोर्ट फाइनेंस की सब्सिडियरी है।