क्लीन मैक्स एनवायरो एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड का IPO 23 फरवरी को खुलने वाला है। कंपनी इससे लगभग 31 अरब रुपये जुटाना चाहती है। IPO की ओपनिंग से पहले कंपनी ने 41 एंकर इनवेस्टर्स से 921 करोड़ रुपये जुटाए। BSE की वेबसाइट पर अपलोड किए गए एक सर्कुलर के मुताबिक, क्लीनमैक्स ने कहा कि उसने इन निवेशकों को 1,053 रुपये प्रति शेयर के हिसाब से 87,46,437 इक्विटी शेयर दिए हैं।
एंकर राउंड में हिस्सा लेने वाले विदेशी और घरेलू इंस्टीट्यूशंस में टेमासेक होल्डिंग्स, नोमुरा एसेट मैनेजमेंट, ईस्टस्प्रिंग, SBI लाइफ, टाटा इनवेस्टमेंट कॉर्प, HDFC म्यूचुअल फंड, अबू धाबी इनवेस्टमेंट अथॉरिटी, फ्रैंकलिन टेम्पलटन म्यूचुअल फंड, SBI जनरल, प्रेमजी इनवेस्ट, 360 वन म्यूचुअल फंड, सोसाइटी जनरल, सिटीग्रुप ग्लोबल, इंडिया फर्स्ट लाइफ इंश्योरेंस, केनरा HSBC लाइफ इंश्योरेंस, भारती एक्सा लाइफ इंश्योरेंस आदि शामिल हैं।
क्लीन मैक्स एनवायरो एनर्जी सॉल्यूशंस का पब्लिक इश्यू 25 फरवरी को बंद होगा। इसमें 1200 करोड़ रुपये के 1.14 करोड़ नए शेयर जारी होने वाले हैं। साथ ही 1900 करोड़ रुपये के 1.80 करोड़ शेयरों का ऑफर फॉर सेल (OFS) रहेगा। OFS में कंपनी के फाउंडर कुलदीप प्रताप जैन, BGTF वन होल्डिंग्स (DIFC) लिमिटेड, KEMPINC LLP, ऑगमेंट इंडिया I होल्डिंग्स, LLC, और DSDG होल्डिंग्स APS शेयरों को बेचेंगे।
IPO बंद होने के बाद अलॉटमेंट 26 फरवरी को फाइनल होने वाला है। कंपनी की लिस्टिंग BSE, NSE पर 2 मार्च को हो सकती है। इस पब्लिक इश्यू में बोली लगाने के लिए प्राइस बैंड 1000-1053 रुपये प्रति शेयर है। लॉट साइज 14 शेयर है। क्लीन मैक्स एनवायरो एनर्जी सॉल्यूशंस में ब्रुकफील्ड कॉर्प का पैसा लगा हुआ है। कंपनी ने पिछले हफ्ते प्री-IPO प्लेसमेंट में 15 अरब रुपये जुटाए थे।
इस IPO के लिए Axis Capital Ltd बुक रनिंग लीड मैनेजर है। रजिस्ट्रार MUFG Intime India Pvt. Ltd. है। IPO में नए शेयरों को जारी कर हासिल होने वाले पैसों का इस्तेमाल कर्ज को कुछ हद तक या पूरी तरह से चुकाने के लिए और सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा।
क्लीन मैक्स एनवायरो एनर्जी सॉल्यूशंस की अप्रैल-सितंबर 2025 तिमाही में इनकम 969.35 करोड़ रुपये रही। शुद्ध मुनाफा 19 करोड़ रुपये रहा। इस बीच कंपनी पर 10,121.46 करोड़ रुपये की उधारी थी। वित्त वर्ष 2025 के दौरान इनकम 1,610.34 करोड़ रुपये दर्ज की गई। शुद्ध मुनाफा 19.43 करोड़ रुपये रहा। IPO में 50 प्रतिशत हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए, 35 प्रतिशत हिस्सा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए और 15 प्रतिशत हिस्सा नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व है।
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