कोल इंडिया की सब्सिडियरी भारत कोकिंग कोल 9 जनवरी को आईपीओ पेश करेगी। कंपनी ने रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज के पास रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस फाइल कर दिया है। यह साल 2026 का पहला बड़ा आईपीओ होगा। कोल इंडिया (सीआईएल) देश में कोल माइनिंग की सबसे बड़ी कंपनी है। 2025 आईपीओ के लिहाज से शानदार रहा। पिछले साल टाटा कैपिटल, एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स सहित कई बड़ी कंपनियों के आईपीओ आए थे।
इस आईपीओ में नए शेयर इश्यू नहीं करेगी कंपनी
इस आईपीओ में ऑफर फॉर सेल (OFS) के तहत Coal India (CIL) अपने 46.57 करोड़ शेयर बेचेगी। इस आईपीओ में Bharat Cooking Coal नए शेयर इश्यू नहीं करेगी। इस वजह से आईपीओ से मिलने वाला पूरा पैसा सीआईएल के पास जाएगा। भारत कोकिंग कोल को इश्यू से कोई पैसा नहीं मिलेगा। भारत कोकिंग कोल ने 2 जनवरी को अपने आरएचपी में कहा, "इस आईपीओ का मकसद ऑफर फॉर सेल पूरा करना और शेयरों की लिस्टिंग का फायदा हासिल करना है।"
इनवेस्टर्स 13 जनवरी तक लगा सकते हैं बोली
यह ऑफर कंपनी के कुल पेड-अप कैपिटल का 10 फीसदी है। इसमें कंपनी के एंप्लॉयीज के लिए 2.32 करोड़ शेयर रिजर्व रखे गए हैं। 4.65 फीसदी शेयर शेयरहोल्डर्स के लिए रिजर्व होंगे। एंकर बुक एक दिन पहले यानी 8 जनवरी को ओपन होगी। इस इश्यू में रिटेल इनवेस्टर्स 13 जनवरी तक इनवेस्ट कर सकेंगे। इनवेस्टर्स को शेयरों का एलॉटमेंट 14 जनवरी तक हो जाने की उम्मीद है।
एनएसई और बीएसई में 16 जनवरी को होगी लिस्टिंग
भारत कोकिंग कोल के शेयर बीएसई और एनएसई में 16 जनवरी को लिस्ट हो जाएंगे। इसके बाद कंपनी के शेयरों को एक्सचेंजों के जरिए खरीदा और बेचा जा सकेगा। भारत कोकिंग कोल में कोल इंडिया की 100 फीसदी हिस्सेदारी है। कोयले के प्रोडक्शन के लिहाज से यह देश की सबसे बड़ी कोल माइनिंग कंपनी है। FY25 में देश में उत्पादित कुल कोयले में इसकी हिस्सेदारी 58.50 फीसदी थी।
1972 में हुई थी भारत कोकिंग कोल की शुरुआत
भारत कोकिंग कोल की शुरुआत 1972 में हुई थी। यह मिनी रत्न कंपनी है। इसकी भारत में कोई प्रतिद्वंद्वी कोल कंपनी नहीं है। इस वजह से इसकी तुलना Alpha Metallurgical Resources और Warrior Met Coal से की जा सकती है। भारत कोकिंग कोल का उत्पादन FY22 में 3.05 करोड़ टन था, जो FY25 में बढ़कर 4.05 करोड़ टन हो गया। पिछले साल सितंबर में कंपनी के पास 34 ऑपरेशनल माइंस का नेटवर्क था।