Corona Remedies IPO: घरेलू सेल्स के मामले में दूसरी सबसे तेज बढ़ रही दिग्गज फार्मा कंपनी कोरोना रेमेडीज का आईपीओ आज सब्सक्रिप्शन के लिए खुल गया है। इसका ₹655 करोड़ का आईपीओ खुलने से पहले 17 एंकर निवेशकों से यह ₹194.86 करोड़ जुटा चुकी है। कंपनी ने 13 स्कीमों के जरिए 11 घरेलू म्यूचुअल फंड्स को एंकरबुक का 74.10% शेयर ₹1062 के भाव पर जारी किया है। यह इश्यू पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल का है। ग्रे मार्केट में बात करें तो इसके शेयर ₹298 यानी 28.06% की GMP (ग्रे मार्केट प्रीमियम) पर हैं। हालांकि मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक ग्रे मार्केट से मिले संकेतों की बजाय कंपनी के फंडामेंटल्स और फाइनेंशियल के आधार पर ही निवेश का फैसला लेना चाहिए।
Corona Remedies IPO की डिटेल्स
कोरोना रेमेडीज के ₹655.37 करोड़ के आईपीओ में ₹1008-₹1062 के प्राइस बैंड और 14 शेयरों के लॉट में पैसे लगा सकते हैं। एंप्लॉयीज को हर शेयर पर ₹54 का डिस्काउंट मिलेगा। यह इश्यू आज 8 दिसंबर को खुला है और 10 दिसंबर को बंद होगा। इश्यू का 50% हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित है जबकि 15% नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) और 35% खुदरा निवेशकों के लिए आरक्षित है। आईपीओ के तहत शेयरों का अलॉटमेंट 11 दिसंबर को फाइनल होगा। फिर बीएसई और एनएसई पर 15 दिसंबर को एंट्री होगी। इश्यू का रजिस्ट्रार बिगशेयर सर्विसेज है। यह इश्यू पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल का है और इश्यू के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 61,71,101 शेयरों की ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिक्री होगी। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिलेगा। चूंकि इश्यू के तहत कोई नया शेयर नहीं जारी होगा तो कंपनी को कोई पैसा नहीं मिलेगा।
Corona Remedies के बारे में
अगस्त 2004 में बनी कोरोनो रेमेडीज एक फार्मा कंपनी है महिलाओं के स्वास्थ्य, कार्डियोलॉजी, पेन मैनेजमेंट, यूरोलॉजी और अन्य प्रकार की थेरेपी से जुड़े प्रोडक्ट्स बनाती है। जून 2025 तक के आंकड़ों के हिसाब से इसके पोर्टफोलियो में 71 ब्रांड्स हैं। इसका मार्केटिंग और डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क देश भर में फैला हुआ है। देश के 22 राज्यों में इसके 2671 एमआर हैं। इसकी दो मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटीज हैं जोकि गुजरात में हैं। कंपनी के ताकत की बात करें तो घरेलू सेल्स के हिसाब से यह देश की 30 सबसे बड़ा फार्मा कंपनियों में सबसे तेज बढ़ रही दूसरी कंपनी है।
कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2023 में इसे ₹84.93 करोड़ का शुद्ध मुनाफा हुआ था जो अगले वित्त वर्ष 2024 में उछलकर ₹90.50 करोड़ और वित्त वर्ष 2025 में ₹149.43 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी की टोटल इनकम सालाना 16% से अधिक की चक्रवृद्धि दर (CAGR) से बढ़कर ₹1202.35 करोड़ पर पहुंच गई। चालू वित्त वर्ष 2026 की बात करें तो पहली तिमाही अप्रैल-जून 2025 में कंपनी को ₹46.20 करोड़ का शुद्ध मुनाफा और ₹348.56 करोड़ की टोटल इनकम हासिल हो चुकी है। जून 2025 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹106.65 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹545.86 करोड़ पड़े थे।
Corona Remedies IPO में पैसे लगाएं?
कोरोना रेमेडीज के आईपीओ को लेकर ब्रोकरेजेज का रुझान अधिकतर पॉजिटिव है। घरेलू ब्रोकरेज फर्म एसबीआई सिक्योरिटीज का कहना है कि कोरोना की योजना अपने फील्ड फोर्स को बढ़ाने, जियोग्राफिकल विस्तार करने और हॉर्मोन मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी शुरू करने की है जो इसके मौजूदा नेट ब्लॉक को दोगुना करेगी। यह फैसिलिटी वित्त वर्ष 2027 में शुरू हो सकती है और इससे कंपनी के अगले चरण की ग्रोथ मिलने की उम्मीद है। हेल्दी रिटर्न रेश्यो, बेहतर बैलेंस शीट और पियर्स के हिसाब से वैल्यूएशन का हवाला देते हुए ब्रोकरेज फर्म ने इसे सब्सक्राइब की रेटिंग दी है।
एक और ब्रोकरेज फर्म आनंद राठी का कहना है कि कंपनी के वित्त वर्ष 2026 की अनुमानित कमाई के हिसाब से इसका आईपीओ 35.3x P/E पर है जोकि फेयर वैल्यूएशन है। ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि यह ग्रोथ के नए चरण में प्रवेश कर रही है तो ऐसे में आईपीओ को इसने लॉन्ग टर्म के लिए सब्सक्राइब रेटिंग दी है।
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